अध्यात्म

Basant Panchami Bhog List: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को इन पीली चीजों का जरूर लगाएं भोग

Basant Panchami Bhog List In Hindi (बसंत पंचमी भोग): बसंत पंचमी का त्योहार माता सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग की चीजों का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। यहां आप देखेंगे बसंत पंचमी की भोग लिस्ट।

Image

Basant Panchami Bhog List

Basant Panchami Bhog List In Hindi (बसंत पंचमी भोग): बसंत पंचमी का त्योहार मुख्य रूप से मां सरस्वती को समर्पित है और इस साल ये पर्व 2 और 3 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु माता सरस्वती की विधि विधान पूजा करते हैं और उनके मंत्रों-श्लोकों का जाप करते हैं। इसके अलावा इस दिन माता को पीले रंग के फूल, पीले वस्त्र, हल्दी आदि चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन माता को पीले रंग की चीजों का भोग लगाने का विधान बताया गया है। तो चलिए जानते हैं बसंत पंचमी की भोग लिस्ट।

Basant Panchami Bhog List In Hindi (बसंत पंचमी सरस्वती पूजा भोग)

पीले चावल- बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती को पीले चावल का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। ये खास चावल देसी घी, चीनी, केसर और सूखा मावा से तैयार किये जाते हैं।

मीठी बूंदी- बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को मीठी बूंदी का भोग भी लगाया जाता है। मीठी बूंदी को आप मैदे से भी तैयार कर सकते हैं और या फिर बेसन से बना सकते हैं।

राजभोग- बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को पीले रंग का राजभोग भी बनाकर चढ़ा सकते हैं। ये खास प्रसाद केसर, छेना और चीनी की चाशनी से तैयार किया जाता है।

बेसन जलेबी- आप माता सरस्वती को बेसन या मैदे की जलेबी भोग स्वरूप अर्पित कर सकते हैं।

केसर रवा हलवा- बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को केसर रवा हलवा भी भोग स्वरूप अर्पित कर सकते हैं। यह हलवा मां सरस्वती का प्रिय माना जाता है।

मालपुआ- सरस्वती पूजा के दिन मां सरस्वती को मालपुए का भोग भी लगा सकते हैं। जिन बच्चों का मन पढ़ाई में भटकता रहता है उन्हें सरस्वती पूजा के दिन मां को मालपुए का भोग जरूर लगाना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article