मां सरस्वती की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, श्लोक, कथा समेत संपूर्ण जानकारी मिलेगी यहां
बसंत पंचमी का त्योहार सनातन धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यहां आप जानेंगे बसंत पंचमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, श्लोक, कथा समेत संपूर्ण जानकारी।
मां सरस्वती की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, श्लोक, कथा समेत संपूर्ण जानकारी मिलेगी यहां
Basant Panchami Kyu Manate Hai
Basant Panchami 2025 Puja Muhurat (बसंत पंचमी 2025 पूजा मुहूर्त)
बसंत पंचमी सरस्वती पूजा मुहूर्त 3 फरवरी 2025 को सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। पंचमी तिथि 2 फरवरी 2025 की दोपहर 12:45 से 3 फरवरी 2025 की सुबह 11:48 बजे तक रहेगी।
बसंत पंचमी पूजा विधि (Basant Panchami Puja Vidhi)
बसंत पंचमी के दिन स्कूलों और कॉलेजों में मां सरस्वती की पूजा की जाती है। तो वहीं जगह-जगह इस दिन पंडाल सजाएं जाते हैं जिनमें माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित की जाती है और उनकी विशेष पूजा अर्चना की जाती है। फिर अगले दिन माता की मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने, हल्दी से मां सरस्वती की पूजा करने, माता को गुलाब के फूल चढ़ाने, पीली चीजों का भोग लगाने और हल्दी का ही तिलक लगाने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यताओं अनुसार ऐसा करने से मां सरस्वती शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं।
बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व? (Yellow Color Significance On Basant Panchami)
बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर पीले रंग का इस त्योहार से क्या संबंध है? तो आपको बता दें कि पीला रंग इस बात का प्रतीक होता है की फसलें पकने वाली हैं, साथ ही पीला रंग समृद्धि का भी सूचक माना जाता है। इस के पर्व के साथ ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान जगह-जगह रंग-बिरंगे फूल दिखने लगते हैं और खेतों में सरसों की पीली फसलें लहलहाने लगती हैं तो वहीं गेहूं की बालियां खिल उठती है। इसलिए बसंत पंचमी पर पीले रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
सरस्वती वन्दना (Saraswati Vandana)
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥
बसंत पंचमी पर क्या करें (Basant Panchami Par Kya Kare)
Basant Panchami Shlok: बसंत पंचमी श्लोक
या वीणावरदण्डमण्डित करा या श्वेत पद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता ,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।
सरस्वती पूजा 2026 (Saraswati Puja 2026)
जय शारदा पुस्तक वाली Jai Sharda Pustak Wali
Devi Saraswati Mantra: देवी सरस्वती नाम मंत्र
- ॐ सरस्वत्यै नमः।
- ॐ महाभद्रायै नमः।
- ॐ महमायायै नमः।
- ॐ वरप्रदायै नमः।
- ॐ श्रीप्रदायै नमः।
- ॐ पद्मनिलयायै नमः।
- ॐ पद्मा क्ष्रैय नमः।
- ॐ पद्मवक्त्रायै नमः।
- ॐ शिवानुजायै नमः।
- ॐ पुस्त कध्रते नमः।
Basant Panchami Ka Mahatva In Hindi: बसंत पंचमी का महत्व
सरस्वती विद्या मंत्र (Saraswati Dhyan Mantra)
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा।।
why is saraswati puja celebrated: सरस्वती पूजा क्यों मनाई जाती है
Saraswati Puja Mantra: सरस्वती पूजा मंत्र
माँ सरस्वती अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Sarasvati Ashtottara Shatnam Namavali)
- ॐ सरस्वत्यै नमः ।
- ॐ महाभद्रायै नमः ।
- ॐ महामायायै नमः ।
- ॐ वरप्रदायै नमः ।
- ॐ श्रीप्रदायै नमः ।
- ॐ पद्मनिलयायै नमः ।
- ॐ पद्माक्ष्यै नमः ।
- ॐ पद्मवक्त्रायै नमः ।
- ॐ शिवानुजायै नमः ।
- ॐ पुस्तकभृते नमः॥ १० ॥
- ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः ।
- ॐ रमायै नमः ।
- ॐ परायै नमः ।
- ॐ कामरूपायै नमः ।
- ॐ महाविद्यायै नमः ।
- ॐ महापातक नाशिन्यै नमः ।
- ॐ महाश्रयायै नमः ।
- ॐ मालिन्यै नमः ।
- ॐ महाभोगायै नमः ।
- ॐ महाभुजायै नमः॥ २० ॥
- ॐ महाभागायै नमः ।
- ॐ महोत्साहायै नमः ।
- ॐ दिव्याङ्गायै नमः ।
- ॐ सुरवन्दितायै नमः ।
- ॐ महाकाल्यै नमः ।
- ॐ महापाशायै नमः ।
- ॐ महाकारायै नमः ।
- ॐ महांकुशायै नमः ।
- ॐ पीतायै नमः ।
- ॐ विमलायै नमः॥ ३० ॥
- ॐ विश्वायै नमः ।
- ॐ विद्युन्मालायै नमः ।
- ॐ वैष्णव्यै नमः ।
- ॐ चन्द्रिकायै नमः ।
- ॐ चन्द्रवदनायै नमः ।
- ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः ।
- ॐ सावित्र्यै नमः ।
- ॐ सुरसायै नमः ।
- ॐ देव्यै नमः ।
- ॐ दिव्यालंकारभूषितायै नमः॥ ४० ॥
- ॐ वाग्देव्यै नमः ।
- ॐ वसुधायै नमः ।
- ॐ तीव्रायै नमः ।
- ॐ महाभद्रायै नमः ।
- ॐ महाबलायै नमः ।
- ॐ भोगदायै नमः ।
- ॐ भारत्यै नमः ।
- ॐ भामायै नमः ।
- ॐ गोविन्दायै नमः ।
- ॐ गोमत्यै नमः॥ ५० ॥
- ॐ शिवायै नमः ।
- ॐ जटिलायै नमः ।
- ॐ विन्ध्यावासायै नमः ।
- ॐ विन्ध्याचलविराजितायै नमः ।
- ॐ चण्डिकायै नमः ।
- ॐ वैष्णव्यै नमः ।
- ॐ ब्राह्मयै नमः ।
- ॐ ब्रह्मज्ञानैकसाधनायै नमः ।
- ॐ सौदामिन्यै नमः ।
- ॐ सुधामूर्त्यै नमः॥ ६० ॥
- ॐ सुभद्रायै नमः ।
- ॐ सुरपूजितायै नमः ।
- ॐ सुवासिन्यै नमः ।
- ॐ सुनासायै नमः ।
- ॐ विनिद्रायै नमः ।
- ॐ पद्मलोचनायै नमः ।
- ॐ विद्यारूपायै नमः ।
- ॐ विशालाक्ष्यै नमः ।
- ॐ ब्रह्मजायायै नमः ।
- ॐ महाफलायै नमः॥ ७० ॥
- ॐ त्रयीमूर्त्यै नमः ।
- ॐ त्रिकालज्ञायै नमः ।
- ॐ त्रिगुणायै नमः ।
- ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः ।
- ॐ शुम्भासुरप्रमथिन्यै नमः ।
- ॐ शुभदायै नमः ।
- ॐ स्वरात्मिकायै नमः ।
- ॐ रक्तबीजनिहन्त्र्यै नमः ।
- ॐ चामुण्डायै नमः ।
- ॐ अम्बिकायै नमः॥ ८० ॥
- ॐ मुण्डकायप्रहरणायै नमः ।
- ॐ धूम्रलोचनमर्दनायै नमः ।
- ॐ सर्वदेवस्तुतायै नमः ।
- ॐ सौम्यायै नमः ।
- ॐ सुरासुर नमस्कृतायै नमः ।
- ॐ कालरात्र्यै नमः ।
- ॐ कलाधारायै नमः ।
- ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः ।
- ॐ वाग्देव्यै नमः ।
- ॐ वरारोहायै नमः॥ ९० ॥
- ॐ वाराह्यै नमः ।
- ॐ वारिजासनायै नमः ।
- ॐ चित्राम्बरायै नमः ।
- ॐ चित्रगन्धायै नमः ।
- ॐ चित्रमाल्यविभूषितायै नमः ।
- ॐ कान्तायै नमः ।
- ॐ कामप्रदायै नमः ।
- ॐ वन्द्यायै नमः ।
- ॐ विद्याधरसुपूजितायै नमः ।
- ॐ श्वेताननायै नमः॥ १०० ॥
- ॐ नीलभुजायै नमः ।
- ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः ।
- ॐ चतुरानन साम्राज्यायै नमः ।
- ॐ रक्तमध्यायै नमः ।
- ॐ निरंजनायै नमः ।
- ॐ हंसासनायै नमः ।
- ॐ नीलजङ्घायै नमः ।
- ॐ ब्रह्मविष्णुशिवान्मिकायै नमः॥ १०८ ॥
Shri Saraswati Stuti with lyrics | श्री सरस्वती स्तुति
Basant Panchami 2025: बसंत पंचमी के दिन कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए
बसंत पंचमी की पूजा विधि (Basanat Panchami Ki Puja Vidhi)
बसंत पंचमी पर क्या करना चाहिए (Basant Panchami Par Kya Karna Chahiye)
- बसंत पंचमी पर पवित्र नदी में स्नान अवश्य करना चाहिए और मां सरस्वती की पूजा के बाद ही कुछ ग्रहण करना चाहिए।
- इस दिन मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें और साथ ही उस हल्दी से अपनी पुस्तक पर ‘एं’ भी लिखें।
- ये दिन पुखराज और मोती धारण करने के लिए शुभ माना जाता है।
- इस दिन मां सरस्वती को खीर का भोग जरूर लगाया जाता है।
- बच्चों को इस दिन मां सरस्वती को कलम जरूर अर्पित करना चाहिए और उसी कलम से वर्षभर खुद काम करना चाहिए।
Saraswati Puja Aarti: सरस्वती पूजा आरती
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
Basant Panchami Photo: बसंत पंचमी फोटो
बसंत पंचमी के दिन जरूर करें ये काम
Saraswati Vandana, Chalisa, Aarti By Anuradha Paudwal: सरस्वती चालीसा
What Is Significance On Vasant Panchami: वसंत पंचमी का महत्व क्या है
Basant Panchami 2025: ज्योतिष में बसंत पंचमी का महत्व
सरस्वती माता की आरती (Saraswati Mata Ki Aarti)
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
