Banana Tree Upaay: इस दिशा में कभी ना लगाएं केले का पेड़, ये एक गलती कर देगी कंगाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 10, 2022, 09:27 PM IST

Kele KE Ped Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में केले का पेड़ बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसा कहते हैं कि केले के पेड़ में सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति का वास होता है। इसे घर में इसे लगाने से सुख-संपन्नता बढ़ती है।

Banana Tree Upaay: इस दिशा में कभी ना लगाएं केले का पेड़, ये एक गलती कर देगी कंगाल

Banana Tree Upaay: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान पेड़-पौधों से जुड़े उपाय करने का विशेष महत्व बताया गया है। शायद इसी वजह से लोग पीपल, तुलसी या केले के पेड़ की पूजा करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में केले का पेड़ बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसा कहते हैं कि केले के पेड़ में सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति का वास होता है। इसे घर में इसे लगाने से सुख-संपन्नता बढ़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं यदि इस पेड़ को घर में या घर के आस-पास गलत दिशा में लगा दिया जाए और इसकी देखभाल ना की जाए तो ये हमारी मुश्किलें भी बढ़ा सकता है।

इस दिशा में भूलकर भी ना लगाएं केले का पेड़

पूर्व-दक्षिण दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, केले के पेड़ को भूलकर भी पूर्व-दक्षिण के आग्नेय कोण में नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा केले के पेड़ कभी भई पश्चिम दिशा में ना लगाएं। ऐसा होने पर केले का पेड़ अशुभ परिणाम देने लगता है। इसलिए ऐसा करने से बचें

 मुख्या द्वार के सामने 

कहते हैं कि केले का पेड़ कभी भी घर के मुख्य द्वार के सामने नहीं लगाना चाहिए। ये घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश में बाधा उत्पन्न करता है। यानी आपके घर में आने वाली सुख-समृद्धि में रुकावट पैदा कर देगा।

कांटे दार पेड़ पौधे

केले के पेड़ के पास कभी भी कांटेदार पेड़-पौधों को ना लगाएं। इसके पास गुलाब या कैक्टस जैसे पौधे लगाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में लड़ाई-झगड़े और तनाव बढ़ जाता है। घर के सदस्यों में आपसी मतभेद हो जाते हैं। रिश्तों में दरार आने लगती है।

पत्तों को सूखने ना दें

माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा चाहते हैं तो केले के पेड़ का हमेशा ख्याल रखें। इसके पत्तों को सूखने ना दें। इसमें भूलकर भी गंदा पानी ना डालें। इसे नियमित रूप से जल अर्पित करते रहें।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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