ब्रज में रंगोत्सव का हुआ शंखनाद, जानें लट्ठमार होली से लेकर Mathura-Vrindavan होली का पूरा कार्यक्रम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 22, 2022, 11:31 AM IST

Mathura Vrindavan Barsana Holi 2022: 5 फरवरी को बसंत पंचमी के साथ ही मथुरा-वृंदावन (Mathura Vrindavan) ब्रज मंडल में भव्य रंगोत्सव प्रारंभ हो गया है। रंगोत्सव के तहत इस बार बरसाना में लट्ठमार (Barsana Lathmar Holi) होली 11 मार्च को होने वाली है।

ब्रज में रंगोत्सव का हुआ शंखनाद, जानें लट्ठमार होली से लेकर Mathura-Vrindavan होली का पूरा कार्यक्रम

Braj Ki Holi 2022 Rangotsav Complete Schedule: 'सब जग होरी ब्रज में होरा...'! होली यों एक त्यौहार है पर ब्रज में महोत्सव है- ऐसा महोत्सव जिसमें लोगों के इष्ट आराध्य भी शामिल होते हैं। दुनिया में होली सिर्फ एक दिन मनाई जाती है, लेकिन ब्रज में फाल्गुन आते ही हवा में अबीर, गुलाल उड़ने लगते हैं। चालीस दिनों तक चलने वाले ब्रज के होली महोत्सव का शंखनाद बसंत पंचमी से शुरू हो जाता है। वसंत पंचमी यानि सरस्वती पूजन के दिन भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों संग वृंदावन में होली खेलते हैं। ब्रज में इस दिन मंदिरो में ठाकुरजी को गुलाल अर्पण कर भक्तों पर भी प्रसाद के रूप में गुलाल डाला जाता है। ब्रज में होली महोत्सव का आनंद लेने के लिए देश दुनिया के श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। 

5 फरवरी को बसंत पंचमी के साथ ही मथुरा-वृंदावन (Mathura Vrindavan) ब्रज मंडल में भव्य रंगोत्सव प्रारंभ हो गया है। रंगोत्सव के तहत इस बार बरसाना में लट्ठमार (Barsana Lathmar Holi) होली 11 मार्च को होने वाली है और वहीं, नंदगांव में ये लट्‌ठमार (Nandgaon Lathmar Holi) होली 12 मार्च को खेली जाएगी। देश विदेश में विख्यात ब्रज की होली में समाज गायन विशेष स्थान रखता है, जिसमें होली गीत और पदगायन की एक अनूठी परंपरा है। ब्रज में होली मनाने देश विदेश से लोग आते हैं। अगर आप भी ब्रज की होली के रंग में रंगना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कृष्ण धाम की होली का पूरा कार्यक्रम। ऐसे में आइए जानते हैं ब्रज में होली के कार्यक्रम की पूरी जानकारी।

रमणरेती आश्रम में फूल और गुलाल की होली

रमणरेती आश्रम में फूलो और गुलाल की होली होती है। इसमें टेसूके फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है। वास्तव में यह दृश्य बांकेबिहारी की भक्ति लीन कर देता है। रमणरेती आश्रम में होली का आयोजन 6 मार्च को किया जाएगा।

ये है ब्रज की होली के प्रमुख कार्यक्रम
- 10 मार्च को नंदगांव में फाग आमंत्रण महोत्सव और बरसाना में लड्डू होली। 
- बरसाना में 11 मार्च को होगी लट्‌ठमार होली। 
- नंदगांव में लट्‌ठमार होली 12 मार्च को होगी। 
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि और श्री द्वारिकाधीश और बिहारीजी मंदिर में होली 14 मार्च को होगी लट्ठमार होली। 
- गोकुल में छड़ी मार होली 16 मार्च को खेली जाएगी।
- 18 मार्च को फालेन में धधकती आग से निकलेगा पंडा,19 मार्च को होली।
- नंदगांव, जाब और दाऊजी में हुरंगा 20 मार्च को होगा। 
- 20 मार्च को चरकुला नृत्य मुखराई। 
- 21 मार्च को गिडोह और बठैन में हुरंगा। 
- 23 मार्च रंग पंचमी फूलडोल मेला खायरा। 









बरसाना की लड्डू और लठ्ठमार होली

मथुरा के बरसाना में लड्डू होली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। यह बरसाना की विश्वविख्यात लठ्ठमार होली से एक दिन पहले मनाई जाती है। 10 मार्च को नंदगांव में फाग आमंत्रण महोत्सव और बरसाना में लड्डू होली होगी। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन लठ्टमार होली खेली जाती है। इस दिन नंदगांव के लोग बरसाना जाकर लठ्ठमार होली खेलते हैं। वहीं दशमी के दिन यानि अगले दिन बरसाने के ग्वाला नंदगांव लठ्ठमार होली खेलने के लिए आते हैं। इस बार बरसाना में 11 मार्च को और नंदगांव में 12 मार्च को लट्‌ठमार होली होगी। 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान मे होली

रंगभरनी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण जन्मस्थान द्वारकाधीश में होली मनाई जाती है। इस दिन ब्रज में देश विदेश से आए भक्तों के साथ पूरा मथुरा होली के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए एकत्रित होता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और श्री द्वारिकाधीश और बिहारीजी मंदिर में होली 14 मार्च को होगी। 

गोकुल में छड़ी मार हुरंगा होली 

भगवान श्रीकृष्ण जी के गांव गोकुल में इस साल 16 मार्च को छड़ी मार होली खेली जाएगी। इसके बाद 20 मार्च को दाऊजी का हुरंगा होगा। दाऊ जी का हुरंगा दाऊजी मंदिर में आयोजित किया जाता है। दाऊजी का हुरंगा होली भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदेव पर केंद्रित है। 

End of Article