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यहूदियों से नफरत...जिस Flydubai प्लेन को भारतीय पायलट ने बचाया, उसपर हमला करने वाला ओमानी पायलट कौन?

Flydubai के जिस को पायलट ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था, वो ओमान का नागरिक है। ओमान, इजराइल का दुश्मन देश है, दोनों के बीच राजनयिक संबंध तक नहीं हैं।

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Flydubai प्लेन में हमला करने वाला पायलट कौन? (AI Photo)

बुधवार को जब Flydubai का एक प्लेन जो इजराइल जा रहा था, तभी प्लेन के कॉकपिट में कांड हुआ। एक पायलट से दूसरे पायलट पर हमला किया और प्लेन को हाईजैक कर क्रैश लैंडिंग की कोशिश की। हालांकि उसका प्लान तब फेल हो गया जब दूसरे पायलट ने बहादुरी से उसका मुकाबला किया और कॉकपिट खोलकर मदद मांग ली। जिस पायलट पर हमला हुआ उनकी पहचान पूरी दुनिया के सामने हैं, ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक उसे हीरो बुला रहे हैं। उस पायलट का नाम कैप्टन स्मित मच्छार है, जो भारतीय हैं, लेकिन दूसरा पायलट कौन है, क्यों इसपर दुनिया भर ने चुप्पी साध ली। सिर्फ इतना ही बताया जा रहा है कि हमलावार पायलट के ओमानी नागरिक है। हालांकि अब रिपोर्टों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है, वो डरावनी है।

ट्रंप ने कहा 'आतंकी'

इजराइल जा रही उड़ान में अपने कैप्टन पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट की पहचान और उसके हमले के मकसद का अब धीरे-धीरे पता चलने लगा है। इस घटना के बाद विमान खतरनाक तरीके से नीचे गिरने लगा था और उसे आपात स्थिति में सऊदी अरब में उतारना पड़ा था। ट्रंप ने अपने बयान में आतंकी होने का जिक्र किया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने और नेतन्याहू ने फोन पर इस घटना के बारे में ’’विस्तार से’’ चर्चा की और ऐसा प्रतीत होता है कि सह-पायलट ’’शायद आतंकवादी था या शायद कोई सनकी व्यक्ति।’’

कौन है ओमानी पायलट?

जिस ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट पर हमला किया था, उसे लेकर कई तरह के दावे सामने आए हैं। कहा जा रहा है कि ओमानी पायलट कट्टरपंथी धार्मिक स्वभाव का शख्स है, जो इजराइल और यहूदियों से नफरत करता है। वो गाजा के समर्थन में इजराइल के खिलाफ अपने साथियों के सामने बातें किया करता था। एक बात और स्पष्ट रूप है, ओमान ने इजराइल को मान्यता नहीं दी है, वो इजराइल को दुश्मन मानता है, ऐसे में दुश्मन देश के नागरिक को इजराइल के लिए फ्लाइट उड़ाने की परमिशन क्यों मिली ये भी बड़ा सवाल है।

क्या है पूरी घटना?

संयुक्त अरब अमीरात से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 यात्रियों में शामिल इजराइली यात्रियों ने बताया कि खून से लथपथ भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला जिसके बाद वे अंदर गए। इसके बाद उन्होंने सह-पायलट से भिड़कर विमान को संभालने में मदद की। विमान इतनी तेजी से नीचे उतर रहा था कि उसका दिशा नियंत्रित करने वाला ’रडर’ तक टूट गया था। दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद पैदा हुई अफरातफरी के दौरान विमान करीब एक मिनट में 33,000 फुट से 17,000 फुट नीचे आ गया था। इसके बाद उसने जॉर्डन की सीमा के पास अनियमित तरीके से चक्कर लगाया और करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबूक शहर में उतरा। ’फ्लाइटरडार24’ के अनुसार विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। इजराइल के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक नए बयान के अनुसार इस घटना में मदद करने वाले यात्रियों में से एक आसफ रजुआन ने बताया, ’’हम खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, हवा में लटके हुए थे और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मदद के लिए किसकी ओर रुख करूं। उस समय हम बस जीवित बचने की स्वाभाविक कोशिश कर रहे थे।’’

हमलावर पायलट गिरफ्तार

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी दी है। उन्होंने केवल इतना बताया है कि घटना की जांच की जा रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार शाम प्रसारित सीएनएन के एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि हमलावर ओमान का नागरिक है और सऊदी अरब में उससे पूछताछ की जा रही है।

नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की है और वह इस बात पर सहमत हुए हैं कि इजराइल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विमान में सवार लोग इजराइल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी।

नेतन्याहू ने हाल के दिनों में सुरक्षा संबंधी कुछ अज्ञात और बढ़े हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी थी। इजराइल पर हमास के नेतृत्व में सात अक्टूबर 2023 को हुए हमले की बरसी में अब एक सप्ताह बाकी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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