अध्यात्म

Amavasya October 2024 Timing: अक्टूबर में अमावस्या कब है 2024, जानिए सर्व पितृ अमावस्या की सही डेट और समय

Amavasya October 2024 Date (सर्व पितृ अमावस्या कब है 2024): अक्टूबर में सर्व पितृ अमावस्या पड़ेगी। जिसे अमावस्या श्राद्ध या महालया अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दान, पुण्य कर्म किए जाते हैं। चलिए जानते हैं अक्टूबर अमावस्या की डेट।

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Amavasya October 2024 Date

Amavasya October 2024 Date (सर्व पितृ अमावस्या कब है 2024): अक्टूबर में आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या पड़ेगी जिसे सर्व पितृ अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, भंडारा, दान-पुण्य कर्म करने का विशेष महत्व होता है। इस अमावस्या के दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि मालूम नहीं होती है। पितृ पक्ष का ये दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।

अक्टूबर में अमावस्या कब है 2024 (October Amavasya 2024 Date)

2 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या पड़ेगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 1 अक्टूबर की रात 9 बजकर 39 मिनट पर होगा और इसका समापन 3 अक्टूबर की देर रात 12 बजकर 18 मिनट पर होगा।

सर्व पितृ अमावस्या मुहूर्त 2024 (Sarva Pitru Amavasya Muhurat 2024)

सर्व पितृ अमावस्या 20242 अक्चूबर 2024, बुधवार
कुतुप मूहूर्त 11:46 AM से 12:34 PM
रौहिण मूहूर्त12:34 PM से 01:21 PM
अपराह्न काल01:21 PM से 03:43 PM

सर्व पितृ अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan On Sarva Pitru Amavasya 2024)

सूर्य ग्रहण का सर्व पितृ अमावस्‍या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि ये ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है। इसलिए श्राद्ध संबंधी कर्मकांड अपने समय पर ही किए जाएंगे।

सर्व पितृ अमावस्या का महत्व (Sarv Pitru Amavasya Ka Mahatva)

सर्व पितृ अमावस्‍या के दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्‍यु की तिथि के बारे में पता नहीं होता। इसके अलावा जिन लोगों ने अमावस्या और पूर्णिमा के दिन आखिरी सांस ली हो उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जाता है। इसलिए सर्व पितृ अमावस्‍या पर श्राद्ध करना बहुत जरूरी होता है।क्योंकि इससे पूर्वज प्रसन्‍न रहते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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