Akhand Jyot Ke Niyam: नवरात्र को पूरी आस्था से मनाने वाले माता के भक्त अक्सर घर में इन नौ दिनों की पूजा में अखंड ज्योत जलाते हैं। शुद्ध घी में लंबी बाती लगाकर ये ज्योत दिन और रात जलती है जो भक्तों की भक्ति का प्रतीक होती है। जो भक्त घर में अखंड ज्योत लगाते हैं, उनको कुछ नियमों का पालन करना होता है। वहीं नवरात्र में अखंड ज्योत को मुहूर्त के अनुसार भी लगाया जाता है। नवरात्र में अखंड ज्योत लगाने की पूरी जानकारी आप यहां देख सकते हैं।
अखंड ज्योत जलाने का मुहूर्त 2023
जैसा कि हम जानते हैं कि अक्टूबर 2023 में शारदीय नवरात्र 15 तारीख से शुरू हो रहे हैं। प्रतिपदा तिथि 14 अक्टूबर को रात 23:24 से शुरू होगी और 16 अक्टूबर को रात 00:32 पर समाप्त होगी। 15 अक्टूबर को घटस्थापना मुहूर्त दिन में 11:44 बजे से लेकर 12:30 बजे तक का रहेगा। माता की अखंड ज्योत भी इसी मुहूर्त के बीच जलाना शुभ रहेगा।
अखंड ज्योत जलाने के नियम
- अखंड ज्योत के दीपक को किसी अन्न जैसे जौ, चावल या गेहूं की ढेरी पर रखना चाहिए। इसे सीधे जमीन पर नहीं रखा जाता है।
- अखंड ज्योत में समय-समय पर तेल या घी डालते रहें। इसे बुझने नहीं देना चाहिए।
- अखंड ज्योत की बाती का लंबा बनाना चाहिए ताकि ये लंबे समय तक जलती रहे। बार बार बाती बदलना शुभ नहीं माना जाता है।
- हवा से बचने के लिए अखंड ज्योत को मंदिर के अंदर रखें और इस पर कांच का गोला रख दें।
- अखंड ज्योत लगाने पर घर की शुद्धि का पूरा ध्यान रखें। इसे बाथरूम के पास कभी न रखें।
- मान्यताओं के अनुसार हिंदू घी से जलाई गई अखंड ज्योत को माता की मूर्ती या तस्वीर के दाएं ओर और तेल से जलाई गई अखंड ज्योत को बाएं ओर रखना चाहिए।
- नवरात्र के पूरे होने पर अखंड ज्योत को ठंडा करके किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर देना चाहिए।
अखंड ज्योत जलाने का मंत्र
शुभम करोति कल्याणं,आरोग्यं धन संपदाम्,शत्रु बुद्धि विनाशाय,दीपं ज्योति नमोस्तुते।
अर्थात शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की इस ज्योति मैं नमस्कार करता या करती हूं।
अखंड ज्योत क्यों जलाई जाती है
भक्त माता के प्रति अपनी असीम श्रद्धा दिखाने के लिए अखंड ज्योत जलाते हैं। साथ ही इसे घर की नकारात्मकता खत्म करने के लिए भी जलाया जाता है। माना जाता है कि इस तरह घर से अशांति और तमाम दोष दूर होते हैं और सुख व समृद्धि का वास होता है।
