Aaj Ka Panchang : 06 नवंबर 2025, गुरुवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होगा, जो दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। इस दिन से ही अगहन यानी मार्गशीर्ष माह की शुरुआत होगी। आज के दिन आप किसी भी कार्य की शुरुआत शुभ काल में कर सकते हैं।
आज सूर्योदय के समय आप कितने बजे सूर्य अर्घ्य दें, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र कृत्तिका 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में व्यतीपात सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा, इसके बाद वरीयान योग शुरू होगा। करण में कौलव दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक, तैतिल 07 नवंबर सुबह 12 बजकर 58 मिनट तक और गर 07 नवंबर सुबह 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा शाम 5 बजकर 59 मिनट पर उदय होगा और 07 नवंबर सुबह 7 बजकर 22 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 55 मिनट 37 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 05 मिनट 08 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कृष्ण प्रतिपदा दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण द्वितीया शुरू होगी। नक्षत्र कृत्तिका 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र लगेगा। कृत्तिका का पहला पाद सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक, दूसरा पाद शाम 5 बजे तक और तीसरा पाद रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। योग में व्यतीपात सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा, फिर वरीयान योग शुरू होगा। करण में कौलव दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक, तैतिल 07 नवंबर सुबह 12 बजकर 58 मिनट तक और गर 07 नवंबर सुबह 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में शुरू हो रहा है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 21 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि मेष सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी, फिर वृषभ में प्रवेश करेगा। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य स्वाती नक्षत्र दोपहर 3 बजे तक रहेगा, फिर विशाखा नक्षत्र में चला जाएगा। कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र ऊर्जा और स्थिरता की शक्ति देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक बढ़ सकती है।
06 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 से 5:44 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:18 से 6:37 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:38 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 5:59 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:32 से 6:51 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 07 नवंबर सुबह 12:31 बजे तक (रात के पूजा के लिए अच्छा)
- अमृत काल: 07 नवंबर सुबह 1:22 से 2:46 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
06 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:26 से 2:48 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: सुबह 6:37 से 7:59 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- आडल योग: दोपहर 3:00 बजे से 07 नवंबर सुबह 3:28 बजे तक (अशुभ)
- विडाल योग: सुबह 6:37 से दोपहर 3:00 बजे तक (सावधानी रखें)
- गुलिक काल: सुबह 9:21 से 10:43 बजे तक और 07 नवंबर सुबह 3:28 से 6:37 बजे तक (सावधानी बरतें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:15 से 10:59 बजे तक और दोपहर 2:38 से 3:21 बजे तक (काम शुरू करने से बचें)
- वर्ज्य: शाम 5:01 से 6:24 बजे तक
- बाण: मृत्यु दोपहर 3:00 बजे तक और अग्नि दोपहर 3:00 बजे से पूर्ण रात्रि तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में लुम्बक 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर उत्पात शुरू होगा। तमिल योग में मरण 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर मरण शुरू होगा। जीवनम में पूर्ण जीवन और नेत्रम में दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति मंगल को दोपहर 3 बजे तक दी जाएगी, फिर चंद्र को 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। नक्षत्र शूल पश्चिम 07 नवंबर सुबह 3 बजकर 28 मिनट से पूर्ण रात्रि तक रहेगा। चंद्र वास पूर्व सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक, फिर दक्षिण रहेगा। अग्निवास पाताल दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक, फिर पृथ्वी पर रहेगा। राहु वास दक्षिण में रहेगा। शिववास गौरी के साथ दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक, फिर सभा में रहेगा। कुंभ चक्र उत्तर में रहेगा।
