Aaj Ka Panchang 4 March 2025 (आज का पंचांग 4 मार्च 2025): हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। मंगलवार को भगवान हनुमान और मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है। इस दिन को शक्ति, ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से, मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करने से भक्तों को भय, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से जातक को फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जिसे युद्ध, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है। कुंडली में यदि मंगल अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को क्रोध और पारिवारिक कलह जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस नाते इस दिन मंगल ग्रह को शांत करने के लिए व्रत रखना, लाल वस्त्र धारण करना और मसूर की दाल, गुड़ व लाल फूल का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, साथ ही संकटों से रक्षा होती है। आप यहां पर आज का पंचांग 4 मार्च 2025 पढ़ सकते हैं।
Aaj Ka Panchang 4 March 2025 (आज का पंचांग 4 मार्च 2025)
04 मार्च 2025 का पंचांग
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह-फाल्गुन,शुक्ल पक्ष
- तिथि - पंचमी 03:17 पी.एम तक फिर षष्ठी
- पर्व - मंगलवार व्रत
- दिन - मंगलवार
- सूर्योदय - 06:43 ए.एम सूर्यास्त-6:23 पी.एम
- नक्षत्र- भरणी 02:37 ए.एम तक कृतिका
- चंद्र राशि -मेष,स्वामी ग्रह -मंगल
- सूर्य राशि - कुंभ, स्वामी ग्रह-शनि
- करण - बालव 03:17 ए.एम तक फिर कौलव
- योग - इंद्र
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत-12:12 से 12:56 दिन
विजय मुहूर्त- 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात्रि 11:42 से 12:26 तक रात
संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल-उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त – राहुकाल - सायंकाल 03 बजे से 04:30 बजे तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। मंगलवार हनुमान जी को समर्पित व्रत बहुत ही पुण्यदायक होता है। मंदिर में हनुमान चालीसा का 100 पाठ करें। शिवलिंग उपासना भी करें। ये उपासना सभी कष्ट को विनाश कर कल्याणकारी फल प्रदान करने वाली है। महादेव दैहिक, दैविक व भौतिक कष्टों को समाप्त करते हैं। आज सुंदरकांड का पाठ करने का उत्तम फल है। सम्पूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में बजरंगबली जी की उपासना करें। भगवान के नाम का जप करें। मंगलवार को गाय को रोटी व गुड़ खिलाएं।
क्या न करें - बड़े भाई की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।
