Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 3 September 2026 : आज 3 सितंबर 2026, गुरुवार है। पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। सप्तमी तिथि 4 सितंबर की रात 2 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। आज कृत्तिका नक्षत्र 4 सितंबर की रात 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। दिन में व्याघात योग और उसके बाद हर्षण योग रहेगा। चंद्रमा सुबह 7:25 बजे तक मेष राशि में और उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
सूर्योदय: 06:00 ए एम
सूर्यास्त: 06:41 पी एम
चन्द्रोदय: 10:33 पी एम
चन्द्रास्त: 11:57 ए एम
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी — 4 सितंबर की रात 02:25 ए एम तक
इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी शुरू होगी।
नक्षत्र: कृत्तिका — 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा।
योग: व्याघात — शाम 06:33 पी एम तक। इसके बाद हर्षण योग रहेगा।
करण (Karan)
आज विष्टि करण दोपहर 03:27 पी एम तक रहेगा। इसके बाद बव करण शुरू होगा, जो 4 सितंबर की रात 02:25 ए एम तक रहेगा। इसके बाद बालव करण रहेगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
वार: गुरुवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
विक्रम सम्वत: 2083 सिद्धार्थी
शक सम्वत: 1948 पराभव
गुजराती सम्वत: 2082 पिङ्गल
चन्द्रमास: भाद्रपद — पूर्णिमान्त
अमान्त मास: श्रावण
प्रविष्टे/गते: 18
विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
पंचांग में विक्रम सम्वत 2083 के लिए राजा गुरु, सेनाधिपति चन्द्र, मन्त्री मंगल, धान्याधिपति बुध, सस्याधिपति गुरु, मेघाधिपति चन्द्र, धनाधिपति गुरु, नीरसाधिपति गुरु, रसाधिपति शनि और फलाधिपति चन्द्र बताए गए हैं।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
चन्द्र राशि: मेष — सुबह 07:25 ए एम तक। इसके बाद चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
नक्षत्र पद: कृत्तिका प्रथम पद — सुबह 07:25 ए एम तक।
कृत्तिका द्वितीय पद — दोपहर 01:07 पी एम तक।
इसके बाद कृत्तिका तृतीय पद शाम 06:49 पी एम तक रहेगा।
कृत्तिका चतुर्थ पद 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक रहेगा।
सूर्य राशि: सिंह
सूर्य नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
सूर्य नक्षत्र पद: पूर्वाफाल्गुनी प्रथम पद दोपहर 02:46 पी एम तक, इसके बाद द्वितीय पद।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: वर्षा
द्रिक अयन: दक्षिणायण
वैदिक अयन: दक्षिणायण
दिनमान: 12 घंटे 40 मिनट 33 सेकण्ड्स
रात्रिमान: 11 घंटे 19 मिनट 56 सेकण्ड्स
मध्याह्न: 12:20 पी एम
3 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: 04:30 ए एम से 05:15 ए एम
प्रातः सन्ध्या: 04:52 ए एम से 06:00 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:27 पी एम से 03:18 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:41 पी एम से 07:03 पी एम
सायाह्न सन्ध्या: 06:41 पी एम से 07:49 पी एम
अमृत काल: 10:12 पी एम से 11:43 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:58 पी एम से 4 सितंबर की रात 12:43 ए एम
रवि योग: सुबह 06:00 ए एम से 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक।
3 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: 01:55 पी एम से 03:30 पी एम
यमगण्ड: 06:00 ए एम से 07:35 ए एम
आडल योग: सुबह 06:00 ए एम से 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक
दुर्मुहूर्त: 10:14 ए एम से 11:04 ए एम
गुलिक काल: 09:10 ए एम से 10:45 ए एम और 03:18 पी एम से 04:08 पी एम
वर्ज्य: 01:06 पी एम से 02:37 पी एम
भद्रा: 06:00 ए एम से 03:27 पी एम
बाण: रोग — रात 11:01 पी एम से पूरी रात तक।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग: लुम्बक — 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक।
तमिल योग: मरण — 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक।
इसके बाद उत्पात रहेगा।
जीवनम: अर्ध जीवन
नेत्रम: दो नेत्र — 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम तक, इसके बाद एक नेत्र।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति: गुरु
दिशा शूल: दक्षिण
अग्निवास: पृथ्वी — 4 सितंबर की रात 02:25 ए एम तक।
नक्षत्र शूल: पश्चिम — 4 सितंबर की रात 12:29 ए एम से पूरी रात तक।
चन्द्र वास: पूर्व — सुबह 07:25 ए एम तक। इसके बाद दक्षिण दिशा में रहेगा।
भद्रावास: स्वर्ग — दोपहर 03:27 पी एम तक। इसके बाद दक्षिण रहेगा।
शिववास: श्मशान में — 4 सितंबर की रात 02:25 ए एम तक।
राहु वास: दक्षिण
कुम्भ चक्र: गर्भ
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
