अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026, जानिए पूजा-पाठ और स्नान-दान के शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 24 April 2026: आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के पंचांग के माध्यम से आप आज के शुभ मुहूर्त से स्नान और दान के लिए समय देख सकते हैं।

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आज का पंचांग

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 24 April 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसके आधार पर ही दिन के शुभ-अशुभ समय, पूजा-व्रत और धार्मिक कार्यों का निर्धारण किया जाता है। आज शुक्रवार का दिन है और शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। यह तिथि देवी उपासना और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार आज के शुभ और अशुभ काल और आज के पंचांग (Daily Panchang) का धार्मिक महत्व।

सूर्योदय एवं चंद्रोदय (Sunrise and Moonrise)

आज सूर्योदय सुबह 05:47 बजे हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 06:52 बजे होगा। चन्द्रमा का उदय दोपहर 12:05 बजे और चन्द्रास्त अगले दिन 01:56 बजे (25 अप्रैल) होगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्योदय के समय स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)

आज की प्रमुख तिथि अष्टमी है, जो शक्ति की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। अष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

नक्षत्र: पुष्य (शाम 8:14 तक)

योग: शूल योग (रात 01:24 बजे, 25 अप्रैल तक)

पुनर्वसु नक्षत्र को शुभ और पुनर्निर्माण का प्रतीक माना जाता है, वहीं धृति योग व्यक्ति को स्थिरता और मानसिक संतुलन प्रदान करता है।

आज के ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

आज चंद्रमा मिथुन राशि में सुबह 11:43 बजे तक रहेगा, जो बुद्धि और संचार क्षमता को बढ़ाता है। वहीं सूर्य मेष राशि में स्थित है, जिससे आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है।

ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

आज चंद्रमा कर्क राशि में आज पूरे दिन रहेंगे। जो मन और माता के कारक हैं। वहीं सूर्य मेष राशि में स्थित है, जिससे आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है।

आज का शुभ मुहूर्त

आज पुष्य नक्षत्र और अष्टमी तिथि का संयोग दिन को और अधिक शुभ बना रहा है। सुबह का समय पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम है। हालांकि विष्टि करण और शूल योग के दौरान बड़े निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।

आज के प्रमुख अशुभ काल

  • भद्रा काल: सुबह 05:47 बजे से 08:01 बजे तक
  • गण्ड मूल: रात 08:14 बजे से अगले दिन 05:46 बजे तक
  • बाण (मृत्यु बाण): दोपहर 03:13 बजे से पूरी रात

इन समयों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है और नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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