अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 24 April 2025: पंचांग से जानें आज की शुभ तिथि, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशा शूल और उपाय

Aaj Ka Panchang 24 April 2025 (आज का पंचांग): आज गुरुवार, 24 अप्रैल के पंचांग से आप आज का शुभ मुहूर्त, तिथि, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय समेत राहुकाल और दिशा शूल भी जान सकते हैं। साथ ही पंचांग से आपको आज के उपाय भी विस्तार में जानने को मिलेंगे।

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aaj ka panchang 24 april 2025 in hindi

Aaj Ka Panchang 24 April 2025 (आज का पंचांग): परम पवित्र वैशाख माह की एकादशी है। एकादशी आज ही मान्य होगी। आज श्री विष्णु जी की उपासना करते हैं। भगवान श्री हरि की विधिवत उपासना की जाती है। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ कर सकते हैं। एकादशी मङ्गलमय तथा दान व पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। आज गुरु के बीज मंत्र का जप करें। आज अन्न का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। पार्थिव शिवलिंग पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। इस माह मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। विहंगों को दाना -पानी दें। गाय को पालक व गुड़ खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। चींटी को शक्कर दें। कुत्ते को भी रोटी दें। भगवान श्री कृष्ण परम ब्रम्ह हैं। वह किसी भी बड़े कार्य को निर्विध्न रूप से से पूर्ण करवाते हैं। घर में मन्दिर के बाल गोपाल जी को बांसुरी अर्पित करें।

आज का पंचांग, 24 अप्रैल 2025-

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2082 माह-वैशाख,कृष्ण पक्ष

तिथि - एकादशी 02:23 pm तक फिर द्वादशी

पर्व- एकादशी व्रत

दिवस- गुरुवार

सूर्योदय- 05:52am सूर्यास्त-6:53pm

नक्षत- शतभिषा 10:51 am तक फिर पूर्वभाद्रपद

चन्द्र राशि- कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि- मेष

करण- बालव 02:46 pm तक फिर कौलव

योग- ब्रम्ह 03:53pm तक फिर इंद्र

शुभ मुहूर्त-

1) अभिजीत- 11:54 am से 12:45 pm तक

2) विजय मुहूर्त- 02:21pm से 03:24pm तक

3) गोधुली मुहूर्त- 06:23pm से 07:22pm तक

4) ब्रम्ह मुहूर्त- 4:05m से 05:09am तक

5) अमृत काल- 06:02am से 07:43am तक

6) निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:41से 12:21 तक रात

7) संध्या पूजन- 06:21pm से 07:09pm तक

दिशा शूल

साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल- दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक।

क्या न करें- सम्भव हो तो चावल ग्रहण मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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