Aaj Ka Panchang 20 March 2025 (आज का पंचांग 20 मार्च 2025): गुरुवार का दिन हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और उनके अवतारों को समर्पित होता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं और भगवान को पीले फूल व चने की दाल का भोग लगाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार को व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का संबंध बृहस्पति ग्रह से है, जिसे देव गुरु भी कहा जाता है। ये ग्रह व्यक्ति के ज्ञान, शिक्षा, आध्यात्मिकता और समृद्धि को प्रभावित करता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर हो तो उसे गुरुवार के दिन व्रत रखने, पीले वस्त्र धारण करने, पीली चीजों का दान करने की सलाह दी जाती है। ये उपाय बृहस्पति ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होते हैं। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए यहां पढ़ें 20 मार्च 2025 का पंचांग।
Aaj Ka Panchang 20 March 2025 (आज का पंचांग 20 मार्च 2025)
संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह - चैत्र, कृष्ण पक्ष,
तिथि चैत्र माह कृष्ण पक्ष षष्ठी
पर्व - गुरुवार व्रत
दिवस -गुरुवार
सूर्योदय - 06:26 ए.एम सूर्यास्त - 6:32 पी.एम
नक्षत्र - अनुराधा
चंद्र राशि - वृश्चिक, स्वामी ग्रह - मंगल
सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
करण - तैतिल
योग - वज्र
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत - 12:07 पी.एम से 12:55 पी.एम तक
विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 से 12:26 तक
संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। विहंगों को दाना-पानी दें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक।
क्या करें - आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष षष्ठी है। कल्यणकारी व मंगलकारी दिवस है। श्री विष्णु जी की उपासना का व्रत है। पवित्र नदी में स्नान व दान-पुण्य करें। भगवान कृष्ण उपासना बहुत फलित होती है। गुरु व चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें। श्री सूक्त का पाठ करें। चने की दाल का दान करें। जो लोग स्वास्थ्य से परेशान हैं वो कुशोदक से शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करें। सात अन्न व तिल का दान करें। गुरु व पिता का आशीर्वाद लें।
क्या न करें - बड़ों का अपमान मत करें।
