अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 17 June 2024: पंचांग से जानिए एकादशी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 17 June 2024 (आज का पंचांग जून 17 जून 2024): ज्येष्ठ मास की एकादशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी। आइए जानें क्या होगा पूरे दिन का पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 17 June 2024 (आज का पंचांग जून 17 जून 2024): ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त शाम के 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 44 मिनट पर होगा। इस दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी शुभ काम को करने से बचना चाहिए। इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें। इस दिशा में दिशा शूल होगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 17 June 2024 (आज का पंचांग जून 17 जून 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,शुक्ल पक्ष

तिथि- एकादशी

व्रत-सोमवार व्रत,एकादशी व्रत

दिन-सोमवार

सूर्योदय-05:24am

सूर्यास्त-07:21 pm

नक्षत्र- चित्रा 01:49pm तक फिर स्वाती

चन्द्र राशि- तुला स्वामी- ,स्वामी ग्रह-शुक्र

सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध

करण-वणिज05:40pm तक फिर विष्टि

योग- परिघ09:35 pm तक फिर शिव

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:57am से 12:44 pm

2विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:29 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:45 pm से 07:09 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:14am से 05:09am तक

5अमृत काल-06:09am से 07;58am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:44 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:52pm से 07;50pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक

क्या करें-भगवान विष्णु जी को समर्पित एकादशी का व्रत रहें। श्री राम व कृष्ण जी की उपासना भी करें। मन्दिर में कृष्ण जी का दर्शन करें। दान का आज बहुत महत्व है। आज उपवास फलाहार या निर्जला जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें। भगवान के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में बेल ,आम व पीपल का पेड़ लगाएं। अन्न व जल दान का बहुत महत्व है। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। मन्दिर में भंडार भी करवा सकते हैं। गो माता को केला व पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। मंदिर में घण्टा व पुष्प चढ़ाएं। आज श्री सूक्त का पाठ करें।

क्या न करें- -चावल कदापि मत ग्रहण करें। एकादशी को चावल ग्रहण करना पाप में आता है।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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