Aaj Ka Panchang 16 March 2025 (आज का पंचांग 16 मार्च 2025): रविवार हिंदू धर्म में एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखने वाला दिन माना जाता है। इसे भगवान सूर्य को समर्पित किया जाता है, जो सौर मंडल के अधिपति और ऊर्जा के मुख्य स्रोत माने जाते हैं। वैदिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव की पूजा, अर्घ्य अर्पण और व्रत करने से जीवन में सकारात्मकता आती है तथा जातक का आत्मबल बढ़ता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तजन सूर्य मंत्रों का जाप करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में रविवार का संबंध सूर्य ग्रह से है, जो आत्मा, पिता, नेतृत्व क्षमता, और सफलता का प्रतीक है। सूर्य की स्थिति कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति को उन्नति, स्वास्थ्य और समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होती है, जबकि इसके कमजोर होने पर अहंकार, क्रोध, या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस नाते रविवार को सूर्य ग्रह के अनुकूल प्रभाव को पाने के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। सप्ताह के इस दिन लाल रंग धारण करना, मसालेदार भोजन से परहेज करना, और सूर्य से संबंधित मंत्रों का जाप करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। चलिए जानते हैं आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे में, 16 March 2025 के पंचांग से।
Aaj Ka Panchang 16 March 2025 (आज का पंचांग 16 मार्च 2025)
आज का पंचांग 16 मार्च 2025-
संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह - चैत्र,कृष्ण पक्ष,
तिथि चैत्र माह कृष्ण पक्ष द्वितीया
पर्व - रविवार व्रत
दिवस - रविवार
सूर्योदय - 06:36 ए.एम सूर्यास्त 6:27 पी.एम
नक्षत्र - हस्त 11:45 पी.एम तक फिर चित्रा
चन्द्र राशि - कन्या राशि, स्वामी ग्रह-बुध
सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
करण - गरज 04:58 पी.एम तक फिर वणिज
योग- वृद्धि 02:51 पी.एम तक फिर ध्रुव
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत - 12:07 पी.एम से 12:55 पी.एम तक
विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 से 12:26 तक
संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल -
पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। विहगों को दाना-पानी दें।
अशुभ मुहूर्त -
राहुकाल - सायंकाल 04:30 बजे से 06:00 तक
क्या करें- आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष द्वितीया है। आज रविवार हैं। भगवान भास्कर की उपासना भी आरंभ करें ,आज से रविवार व्रत शुरू करें। सूर्य पूजा बहुत फलित होती है। गायत्री मंत्र का जप करें। श्री आदित्य ह्र्दयस्तोत्र का 3 बार पाठ करें। सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता का चरण स्पर्श कर उनके असीम आशीर्वाद से जीवन को सफल करें। स्मरण रहे माता-पिता के आशीर्वाद के बिना कोई भी पूजा फलित नहीं होती है।
क्या न करें - नशे से दूर रहें और निंदा मत करें।
