अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 15 September 2024: पंचांग से जानिए परिवर्तिनी एकादशी व्रत के पारण का समय और रवि प्रदोष व्रत के पूजा का शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 15 September 2024: भादव मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। आइए जानें इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त। यहां पढ़ें पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 15 September 2024 (आज का पंचांग 15 सितंबर 2024): भाद्रपद महीने की द्वादशी तिथि के दिन परिवर्तिनी एकादशी के व्रत का पारण सुबह 6 बजकर 6 मिनट से लेकर 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दिन रवि प्रदोष व्रत का मुहूर्त शाम 6:20 से लेकर रात 8 बजे तक रहेगा। आज के दिन राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। आज के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा ना करें। इस दिशा में दिशा शूल रहने वाला है। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 15 September 2024 (आज का पंचांग 15 सितंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-भाद्रपद ,शुक्ल पक्ष

तिथि-द्वादशी 06:14pm तक फिर त्रयोदशी, व्रत- एकादशी पारण

दिवस-रविवार

सूर्योदय-05:51am

सूर्यास्त-06:14pm

नक्षत्र- श्रवण 06:51pm तक तत्पश्चात धनिष्ठा

चन्द्र राशि -मकर राशि,स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य

करण- बव 07:33am तक फिर बालव

योग: -अतिगण्ड 03:25pm तक पुनः सुकर्मा

आज का शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53am से 12:24 pm

2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:22 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:22pm से 07:21 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:01am तक

5अमृत काल-06:04am से 07;53am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:50 से 12:23तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:08pm तक

आज के दिन दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें ।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

आज का अशुभ मुहूर्त

आज राहुकाल का समय-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें-मासिक भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि है। आज एकादशी का पारण है।भगवान विष्णु पालनकर्ता हैं। वह संकटों का नाश करते हैं।किसी भी कार्य के निर्विध्न रूप से पूर्ण करने वाले भगवान कृष्ण हैं। एकादशी महान व्रत का पारण नियम पूर्वक करना होता है। व्रत पारण में विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी जी की भी उपासना की जाती है।एकादशी व्रत सभी लोग रख सकते हैं। विष्णु जी को तुलसी दल का भोग लगाएं। मीठा, जल ,अन्न व वस्त्र का दान करें। कुछ संत निराजल व्रत रखकर आज पारण करते हैं। आज रविवार है। श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 पाठ करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो।कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं।श्री कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी करें।

क्या न करें-आज असत्य मत बोलें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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