आज का पंचांग (14 December 2025): 14 दिसंबर पर भद्रा का साया, पंचांग से जानिए आज किस समय पर करें पूजा पाठ और अन्य शुभ कार्य
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 14, 2025, 07:18 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (14 December 2025): आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 18 मिनट तक रहने वाला है। यह शुभ है, लेकिन दिन में भद्रा भी रहेगी। ऐसे में शुभ मुहूर्त में ही पूजा-पाठ और शुभ कार्यों को करना उचित रहेगा। आइए पंचांग से जानते हैं कि 14 दिंसबर के दिन का शुभ समय क्या है?
आज का पंचांग (14 December 2025)
आज का पंचांग (14 December 2025): आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की दशमी दोपहर 4 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी लग जाएगी। नक्षत्र हस्त सुबह 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, फिर चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा कन्या राशि में रात 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेगा। योग सौभाग्य सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। करण विष्टि दोपहर 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यह बहुत शुभ संयोग है। आज भद्रा भी है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 26 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 15 दिसंबर रात 2 बजकर 50 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 1 बजकर 34 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट 16 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 20 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण दशमी दोपहर 4:37 तक, फिर कृष्ण एकादशी। नक्षत्र हस्त सुबह 8:18 तक, फिर चित्रा। करण बव पूरे दिन।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 29।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
14 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:16 से 6:11 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:44 से 7:06 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:55 से दोपहर 12:37 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:41 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:23 से 5:51 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:26 से 6:48 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग + अमृत सिद्धि योग: सुबह 7:06 से 8:18 बजे तक
14 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:08 से 5:26 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:16 से 1:33 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 2:51 से 4:08 बजे तक
- विडाल योग: पूरे दिन
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:03 से 4:45 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 5:15 से 7:02 बजे तक
- बाण: मृत्यु – 15 दिसंबर सुबह 4:51 तक
- भद्रा: सुबह 7:06 से शाम 6:49 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मानस सुबह 8:18 तक, फिर पद्म। तमिल योग में अमृत सुबह 8:18 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। चंद्र वास रात 9:41 तक दक्षिण में, फिर पश्चिम में। शिववास शाम 6:49 तक क्रीड़ा में, फिर कैलाश पर। राहु वास उत्तर, कुंभ चक्र तल में।