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Aaj Ka Panchang: आज मंगलवार को किस समय पर करें शुभ कार्य , पंचांग से जानिए 11 नवंबर के दिन के शुभ और अशुभ काल का सटीक समय

Aaj Ka Panchang: आज मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल के साथ ही तिथि, वार, योग और नक्षत्र भी जान सकते हैं। शुभ काल में किए गए कार्य के सफल होने की संभावना काफी अधिक होती है। आइए देखते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ काल क्या है।

11 नवंबर का पंचांग

11 नवंबर का पंचांग

Aaj Ka Panchang: 11 नवंबर 2025 का पंचांग: 11 नवंबर 2025, मंगलवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से शुरू होगा, जो रात 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ है।

आज पूजा का शुभ समय क्या है, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र पुष्य शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर अश्लेशा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में शुभ सुबह 9 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। करण में विष्टि सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक, बव रात 11 बजकर 8 मिनट तक और बालव 12 नवंबर सुबह 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्य आज सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 29 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा रात 11 बजकर 20 मिनट पर उदय होगा और 12 नवंबर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 48 मिनट 48 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।

तिथि, नक्षत्र, योग और करण

आज की तिथि कृष्ण सप्तमी रात 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण अष्टमी शुरू होगी। नक्षत्र पुष्य शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर अश्लेशा नक्षत्र लगेगा। पुष्य का पहला पाद दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक और दूसरा पाद शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। अश्लेशा नक्षत्र 12 नवंबर सुबह 6 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में शुभ सुबह 9 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, फिर शुक्ल योग शुरू होगा। करण में विष्टि सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक, बव रात 11 बजकर 8 मिनट तक और बालव 12 नवंबर सुबह 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर

विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 26 है।

राशि और नक्षत्र

चंद्र राशि कर्क में पूरे दिन रहेगी। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। पुष्य और अश्लेशा नक्षत्र पोषण, सुरक्षा और परिवर्तन की ऊर्जा देंगे।

ऋतु और अयन

ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक बढ़ सकती है।

11 नवंबर का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:55 से 5:48 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:21 से 6:41 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:29 से 5:56 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:29 से 6:49 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 12 नवंबर सुबह 12:32 बजे तक (रात के पूजा के लिए अच्छा)
  • अमृत काल: दोपहर 12:01 से 1:35 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: शाम 6:17 बजे से 12 नवंबर सुबह 6:41 बजे तक
  • रवि योग: सुबह 6:41 बजे से शाम 6:17 बजे तक

11 नवंबर का अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 2:47 से 4:08 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
  • यमगण्ड: सुबह 9:23 से 10:44 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
  • गुलिक काल: दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक (सावधानी बरतें)
  • आडल योग: सुबह 6:41 बजे से शाम 6:17 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:50 से 9:34 बजे तक और रात 10:46 से 11:39 बजे तक (काम शुरू करने से बचें)
  • गण्ड मूल: शाम 6:17 बजे से 12 नवंबर सुबह 6:41 बजे तक
  • भद्रा: सुबह 6:41 से 11:32 बजे तक
  • बाण: चोर दोपहर 2:32 बजे तक

आनंदादि और तमिल योग

आनंदादि योग में वर्धमान शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर आनंद शुरू होगा। तमिल योग में सिद्ध शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्ध शुरू होगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में दो नेत्र शाम 6 बजकर 17 मिनट तक, फिर एक नेत्र रहेगा।

निवास और शूल

होमाहुति गुरु को पूरे दिन दी जाएगी। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। चंद्र वास उत्तर में रहेगा। अग्निवास पाताल रात 11 बजकर 8 मिनट तक, फिर पृथ्वी पर रहेगा। भद्रावास मृत्यु सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। राहु वास पश्चिम में रहेगा। शिववास श्मशान में रात 11 बजकर 8 मिनट तक, फिर गौरी के साथ रहेगा। कुंभ चक्र गर्भ में रहेगा।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari Author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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