अध्यात्म

आज सावन के अंतिम दिन भगवान शिव अर्पित कर दें ये 2 चीजें, पूरे सावन की पूजा का मिल जाएगा फल

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  • Updated Aug 28, 2026, 03:04 PM IST

Sawan Last Day Puja 2026: 28 अगस्त सावन का आखिरी दिन बेहद ही खास है। अगर आप पूरे सावन भर पूजा नहीं कर पाए हैं तो इस अंतिम दिन भगवान शिव को ये चीजें जरूर अर्पित कर दें।

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सावन के आखिरी दिन कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न

Sawan Last Day Puja 2026: आज 28 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी दिन है। सावन पूर्णिमा के साथ भगवान शिव को समर्पित यह पवित्र महीना समाप्त हो जाएगा। सावन के पूरे महीने शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और फूल आदि से अभिषेक किया जाता है। अगर आप पूरे सावन भगवान शिव की पूजा नहीं कर पाए हैं तो आज की पूजा से पूरे सावन की पूजा का फल प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन क्या अर्पित करना चाहिए।

शिवलिंग पर चढ़ाएं कनेर का फूल

भगवान शिव की पूजा में कनेर के फूल का खास महत्व है। सावन के आखिरी दिन शिवलिंग पर कनेर का ताजा फूल चढ़ाएं। कनेर के फूल से महादेव की पूजा करने पर धन-धान्य की कमी दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। कनेर के फूल के साथ शिवलिंग पर जल और बेलपत्र भी अर्पित करें। पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

तीन नहीं, चार या पांच पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाएं

शिव पूजा में तीन पत्तियों वाला बेलपत्र सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन नेत्र और त्रिदेव के स्वरूप से जुड़ी हैं। सावन के अंतिम दिन अगर चार या पांच पत्तियों वाला बेलपत्र मिल जाए तो उसे अलग से शिवलिंग पर चढ़ाएं। पांच पत्तियों वाला बेलपत्र पंचमुखी महादेव का स्वरूप माना जाता है। इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। चार पत्तियों वाला बेलपत्र भी शुभ माना जाता है। इसे अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है तीन पत्ती से अधिक का बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। ऐसे व्यक्ति को सावन का फल 1 बार में मिल जाता है।

कैसा बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं

शिवलिंग पर हमेशा साफ और ताजा बेलपत्र चढ़ाएं। बेलपत्र टूटा हुआ या कीड़ों से खराब नहीं होना चाहिए। बेलपत्र को साफ पानी से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय उसकी चिकनी सतह शिवलिंग की तरफ रखें। इसके बाद उस पर जल अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

क्या चार या पांच पत्तियों वाला बेलपत्र मिलना शुभ है

हां। चार और पांच पत्तियों वाला बेलपत्र सामान्य तीन पत्तियों वाले बेलपत्र की तुलना में दुर्लभ होता है। पांच पत्तियों वाले बेलपत्र को पंचमुखी शिव का प्रतीक माना जाता है। सावन के अंतिम दिन ऐसा बेलपत्र मिलना और उसे महादेव को अर्पित करना बेहद शुभ होता है। ऐसे बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का फल मिलता है। वहीं, अगर 11 पत्ती वाला बेलपत्र मिल जाए तो इसे महाशुभ माना जाता है।

सावन के आखिरी दिन क्यों खास है पूजा

सावन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना है। पूरे महीने शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र और फूल चढ़ाए जाते हैं। आज सावन का अंतिम दिन है, ऐसे में महादेव की पूजा करके इस पवित्र महीने का समापन करें। कनेर का फूल, चार या पांच पत्तियों वाला बेलपत्र, धतूरा और जल से शिवलिंग का पूजन करें। भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय अपनी मनोकामना बोलें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। इससे महादेव की कृपा मिलती है, घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।

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