Aaj Ka Panchang 1 July 2024: आषाढ़ मास की दशमी तिथि के दिन अश्वनी नक्षत्र सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर होगा। इसके साथ ही अभिजी मुहूर्त 11 बजकर 52 मिनट से लेकर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। आज के दिन संध्या पूजन का समय 06:53 pm से 07;43pm तक रहने वाला है। राहुकाल का समय प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक रहेगा। यहां जानें पूरा पंचांग
Aaj Ka Panchang 1 July 2024 (आज का पंचांग 1 जुलाई 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आषाढ़ ,कृष्ण पक्ष
तिथि- दशमी10:21am तक फिर एकादशी
व्रत- दशमी
दिन-सोमवार
सूर्योदय-05:21am
सूर्यास्त-07:26pm
नक्षत्र- अश्वनी 06:27am तक फिर भरणी
चन्द्र राशि- मेष, स्वामी-मङ्गल
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण-विष्टि10:27am तक फिर बव
योग- सुकर्मा 01:43am तक फिर धृति
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:52am से 12:44 pm
2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:26 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:37 pm से 07:09 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:11am से 05:09am तक
5अमृत काल-06:07am से 07;57am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:43 तक रात
संध्या पूजन-06:53 pm से 07;43pm तक
दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक
क्या करें- सोमवार व्रत रहें। मन्दिर में शिवलिंग की पूजा करें। उनको बेल पत्र,जल व मधु अर्पित करें व उनकी उपासना करें। शिव कल्याणकारी हैं। मन्दिर में भगवान शिव व माता दुर्गा जी का दर्शन करें,आज व्रत बहुत ही फलदायी है। धार्मिक पुस्तकों सहित फलों के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें।भगवान शिव के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें।किसी भ शिव मंदिर परिसर में आम , बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। शिवपुराण का पाठ करें। मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। नीले वस्त्र व अन्न का दान करें। उपासना मन से करें व चन्द्रमा के बीज मंन्त्र का जप करें। स्वास्थ्य सुख में वृद्धि के लिए सप्तअन्न का दान करें।मन्दिर में हनुमान जी को फल व लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें। मधु व गंगा जल को शिवलिंग पर अर्पित करें।
क्या न करें- -सत्य बोलें। असत्य से पूर्णतया बचें।
