Aaj ka Panchang 03 May 2025: आज वैशाख सप्तमी है। इसे गंगा सप्तमी भी कहते हैं। इस तिथि का गंगा स्नान शुभ होता है। घर पर गंगा जल व तिल-आंवला सहित जल में मिलाकर स्नान व अन्न दान बहुत पुण्यदायी होता है। सप्तमी को माता दुर्गा जी की उपासना पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। आज ब्रह्म मुहूर्त में दुर्गासप्तशती का पाठ करें । धार्मिक पुस्तकों का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। शालीग्राम भगवान का पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है।
03 मई 2025 का पंचांग
- संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2082
- माह- वैशाख, शुक्ल पक्ष
- तिथि - खष्ठी 07:54am तक फिर सप्तमी
- पर्व- गंगा सप्तमी। शनिवार व्रत
- दिवस -शनिवार
- सूर्योदय- 05:40am
- सूर्यास्त- 6:56pm
- नक्षत्र- पुनर्वसु 12:35 pm तक फिर पुष्य
- चन्द्र राशि- मिथुन,
- स्वामी ग्रह -बुध 06:35 am तक फिर कर्क,
- स्वामी ग्रह-चन्द्रमा
- सूर्य राशि- मेष
- करण- तैतिल 07:55 am तक फिर गरज
- योग- शूल
3 मई 2025, गंगा सप्तमी का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त - 11:58 am से 12:49 pm तक
- विजय मुहूर्त - 02:21pm से 03:24pm तक
- गोधुली मुहूर्त- 06:23pm से 07:22pm तक
- ब्रह्म मुहूर्त-4:05m से 05:09am तक
- अमृत काल- 06:02am से 07:43am तक
- निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:41से 12:21तक रात
- संध्या पूजन- 06:21pm से 07:09pm तक
दिशा शूल- पूर्व दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें- विहंगों को दाना-पानी दें। गाय को केला खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी,गुड़,चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। माता दुर्गा के मन्दिर जाएं व उनके विग्रह की एक या 09 परिक्रमा करें। शनिवार को छाया दान भी करते हैं। शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान चालीसा का 07 पाठ भी करें। पीपल को जल दें। पीपल की 07 परिक्रमा करने से पाप नष्ट होते हैं।
क्या न करें- किसी को कष्ट मत दें।
