शाम 6:30 बजे के बादशाम 6:26 बजे के बादAaj ka iftar ka Time kya hai, आज का इफ्तार का टाइम क्या है? 8 March 2026: Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai: रमजान इस्लाम का सबसे पाक और बरकतों वाला महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं, नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह की इबादत में ज्यादा समय बिताते हैं। रोजे की शुरुआत सुबह सेहरी के साथ होती है और फिर पूरे दिन खाने-पीने से परहेज किया जाता है। शाम को जब सूरज डूब जाता है तो मगरिब की नमाज के समय इफ्तार करके रोजा खोला जाता है।
साल 2026 में रमजान फरवरी के तीसरे सप्ताह में शुरू हुआ था और अब यह अपने मध्य दौर में पहुंच चुका है। आज यानी 8 मार्च 2026 को रोजेदार रमजान का 18वां रोजा रख रहे हैं। ऐसे में हर शहर के अनुसार इफ्तार का समय थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए लोगों के लिए अपने शहर का सही समय जानना जरूरी हो जाता है।
आज 8 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों में इफ्तार का समय
| शहर | आज का इफ्तार समय (अनुमानित) |
| दिल्ली | शाम 6:26 बजे के बाद |
| नोएडा | शाम 6:26 बजे के बाद |
| लखनऊ | शाम 6:12 बजे के बाद |
| कानपुर | शाम 6:15 बजे के बाद |
| जयपुर | शाम 6:33 बजे के बाद |
| भोपाल | शाम 6:34 बजे के बाद |
| पटना | शाम 5:55 बजे के बाद |
| कोलकाता | शाम 5:44 बजे के बाद |
| हैदराबाद | शाम 6:25 बजे के बाद |
| चेन्नई | शाम 6:20 बजे के बाद |
| बेंगलुरु | शाम 6:30 बजे के बाद |
| मुंबई | शाम 6:47 बजे के बाद |
| अहमदाबाद | शाम 6:47 बजे के बाद |
| सूरत | शाम 6:46 बजे के बाद |
| चंडीगढ़ | शाम 6:27 बजे के बाद |
रोजा खोलने का सही वक्त क्या होता है?
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार रोजा फज्र की नमाज से शुरू होकर मगरिब की नमाज तक रखा जाता है। जैसे ही सूरज डूबता है, मगरिब का समय शुरू हो जाता है और उसी के साथ रोजेदार इफ्तार करते हैं। रोजा खोलने में देर करना सही नहीं माना जाता। इसलिए आमतौर पर लोग सूर्यास्त के तुरंत बाद खजूर या पानी से रोजा खोलते हैं और फिर मगरिब की नमाज अदा करते हैं।
इफ्तार का धार्मिक महत्व
रमजान में इफ्तार केवल रोजा खोलने का समय नहीं होता, बल्कि यह आध्यात्मिक रूप से भी बहुत खास माना जाता है। पूरे दिन रोजा रखने के बाद जब रोजेदार इफ्तार करते हैं तो उस समय दुआ करने की विशेष अहमियत बताई गई है।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार इफ्तार के समय की गई दुआ को अल्लाह खास तौर पर कबूल करता है। यही वजह है कि मुसलमान इस समय अपने और अपने परिवार के साथ-साथ पूरी दुनिया की भलाई के लिए भी दुआ करते हैं।
इफ्तार करने का सही तरीका
इफ्तार करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहतर माना जाता है।
- रोजा खोलने से पहले दुआ पढ़ना
- खजूर या पानी से इफ्तार शुरू करना
- पहले हल्का भोजन करना
- बहुत ज्यादा तला-भुना खाना तुरंत न खाना
इफ्तार के समय अक्सर यह दुआ पढ़ी जाती है - 'अल्लाहुम्मा लका सुम्तु वा अला रिज्किका अफ्तर्तु।' इसका अर्थ है - ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरी दी हुई रोजी से ही इफ्तार कर रहा हूं।
माना जाता है कि रमजान में की गई नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए मुसलमान इस पूरे महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की कोशिश करते हैं।
