अध्यात्म

आज रोजा कितने बजे खुलेगा 13 मार्च 2026, आज का इफ्तार का टाइम क्या हैं, नोट करें आज की इफ्तारी का सही टाइम

आज 13 मार्च 2026 को रमजान का 23वां रोजा रखा जा रहा है। रमजान के इस पवित्र महीने में रोजेदार सुबह सेहरी के बाद रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करके रोजा खोलते हैं। चूंकि हर शहर में सूर्यास्त का समय थोड़ा अलग होता है, इसलिए इफ्तार का समय भी बदल जाता है। आइए जानते हैं कि आज दिल्ली-एनसीआर के शहरों में इफ्तार का समय क्या रहेगा।

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आज का इफ्तार का टाइम 13 मार्च 2026 (PC- AI)

रमजान मुसलमानों के लिए इबादत और आत्मअनुशासन का महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में रोजेदार दिनभर रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं। सुबह फज्र की नमाज से पहले सेहरी की जाती है और फिर सूर्यास्त तक रोजा रखा जाता है।

शाम को जैसे ही मगरिब की नमाज का वक्त होता है, रोजेदार इफ्तार करके रोजा खोलते हैं। रमजान के आखिरी दिनों में इबादत की अहमियत और भी बढ़ जाती है। आज यानी 13 मार्च 2026 को रमजान का 23वां रोजा रखा जा रहा है। इसलिए रोजेदारों के लिए अपने शहर के अनुसार इफ्तार का सही समय जानना जरूरी हो जाता है।

आज 13 मार्च 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में इफ्तार का समय

शहरइफ्तार का समय (अनुमानित)
दिल्ली में इफ्तार का टाइमशाम 6:28 PM
नोएडा में इफ्तार का टाइमशाम 6:28 PM
गाजियाबाद में इफ्तार का टाइमशाम 6:28 PM
गुरुग्राम में इफ्तार का टाइमशाम 6:29 PM
फरीदाबाद में इफ्तार का टाइमशाम 6:28 PM
चंडीगढ़ में इफ्तार का टाइमशाम 6:30 PM
जयपुर में इफ्तार का टाइमशाम 6:34 PM
लखनऊ में इफ्तार का टाइमशाम 6:15 PM
कानपुर में इफ्तार का टाइमशाम 6:17 PM
पटना में इफ्तार का टाइमशाम 5:57 PM
कोलकाता में इफ्तार का टाइमशाम 5:46 PM
भोपाल में इफ्तार का टाइमशाम 6:35 PM
अहमदाबाद में इफ्तार का टाइमशाम 6:47 PM
सूरत में इफ्तार का टाइमशाम 6:46 PM
मुंबई में इफ्तार का टाइमशाम 6:48 PM
पुणे में इफ्तार का टाइमशाम 6:45 PM
हैदराबादमें इफ्तार का टाइमशाम 6:27 PM
बेंगलुरु में इफ्तार का टाइमशाम 6:31 PM
चेन्नई में इफ्तार का टाइमशाम 6:21 PM
श्रीनगर में इफ्तार का टाइमशाम 6:33 PM
ध्यान रखें कि स्थानीय मस्जिद या इलाके के हिसाब से समय में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। इसलिए अक्सर लोग सूर्यास्त के कुछ मिनट बाद इफ्तार करना बेहतर मानते हैं।

रमजान में नमाज का बढ़ जाता है महत्व

रमजान के महीने में नमाज की अहमियत और भी बढ़ जाती है। मुसलमान पांच वक्त की नमाज के साथ-साथ तरावीह की नमाज भी पढ़ते हैं, जो खास तौर पर रमजान में अदा की जाती है। तरावीह की नमाज में कुरआन शरीफ की तिलावत की जाती है और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं। यह नमाज इशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है और रमजान के पूरे महीने में इसका विशेष महत्व माना जाता है।

इफ्तार के वक्त क्या करना बेहतर माना जाता है

इफ्तार के समय रोजेदार सबसे पहले अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। आमतौर पर रोजा खजूर और पानी से खोला जाता है, क्योंकि यह पैगंबर हजरत मुहम्मद की सुन्नत मानी जाती है। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है। इफ्तार के समय अक्सर यह दुआ पढ़ी जाती है —

“अल्लाहुम्मा लका सुम्तु वा अला रिज्किका अफ्तर्तु।”

अर्थ — ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरी दी हुई रोजी से इफ्तार कर रहा हूं।

रमजान के आखिरी दिनों की खास अहमियत

रमजान के अंतिम दस दिन मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन दिनों में लोग ज्यादा इबादत करते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते हैं माना जाता है कि इसी दौरान लैलतुल कद्र जैसी खास रात भी आती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। इसलिए रमजान के इन दिनों में लोग इबादत पर विशेष ध्यान देते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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