आज चांद कब निकलेगा 5 फरवरी 2026 को, आज चतुर्थी का चांद कब दिखेगा, जानें आज चांद देख सकते हैं या नहीं, आज व्रत का पारण कितने बजे होगा
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Feb 5, 2026, 08:58 PM IST
Aaj Chand kab niklega 5 February 2026 (Moonrise Time Today): आज पांच फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। आज द्विजप्रिय संकष्टी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन गणेश जी की पूजा होती है और चांद निकलने के बाद व्रत खोला जाता है। यहां देखें कि आज चतुर्थी का चांद कब निकलेगा, आज चांद कितने बजे दिखेगा, आज शाम की पूजा कब करें। आज की संकष्टी का पारण कब होगा।
आज 5 फरवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय
Aaj Chand kab niklega 5 February 2026 (Moonrise Time Today): आज 5 फरवरी 2026 है। पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस आधार पर द्विजप्रिय संकष्टी का व्रत रखा जा रहा है। इस व्रत का पारण चंद्रमा दर्शन के बाद होता है। ऐसे में भक्त अभी से जानना चाहते हैं कि आज चांद कब निकलेगा। पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार आज चंद्रमा का उदय रात में होगा। उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों, जैसे दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चांद लगभग रात 9 बजे के बाद दिखाई देना शुरू होगा। औसतन चंद्र उदय का समय रात 9 बजकर 15 से 9 बजकर 25 मिनट के बीच माना जा सकता है।
आज 5 फरवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय
| शहर / City | सूर्यास्त (Sunset) | रात्रि चंद्र दर्शन (Sunset के बाद) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| नोएडा | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| गाजियाबाद | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| फरीदाबाद | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| गुरुग्राम | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| मेरठ | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
| हापुड़ | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
| पानीपत | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| लखनऊ | 5:54 PM | 9:10–9:20 PM |
| आगरा | 5:54 PM | 9:05–9:15 PM |
| कानपुर | 5:53 PM | 9:10–9:20 PM |
| जयपुर | 5:55 PM | 9:00–9:10 PM |
| पटना | 5:45 PM | 9:20–9:30 PM |
| चंडीगढ़ | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| भोपाल | 6:08 PM | 9:20–9:30 PM |
| इंदौर | 6:09 PM | 9:20–9:30 PM |
| मुंबई | 6:23 PM | 9:35–9:45 PM |
| पुणे | 6:22 PM | 9:35–9:45 PM |
| अहमदाबाद | 6:19 PM | 9:30–9:40 PM |
| सूरत | 6:21 PM | 9:30–9:40 PM |
| वडोदरा | 6:20 PM | 9:30–9:40 PM |
| कोलकाता | 5:37 PM | 9:30–9:40 PM |
| चेन्नई | 6:16 PM | 9:25–9:35 PM |
| बेंगलुरु | 6:24 PM | 9:30–9:40 PM |
| हैदराबाद | 6:15 PM | 9:25–9:35 PM |
| रायपुर | 6:11 PM | 9:20–9:30 PM |
| भुवनेश्वर | 5:40 PM | 9:25–9:35 PM |
| गुवाहाटी | 5:28 PM | 9:35–9:45 PM |
| वाराणसी | 5:49 PM | 9:15–9:25 PM |
| प्रयागराज | 5:51 PM | 9:15–9:25 PM |
| कोच्चि (कोची) | 6:22 PM | 9:30–9:40 PM |
| तिरुवनंतपुरम | 6:23 PM | 9:30–9:40 PM |
| गोवा | 6:24 PM | 9:35–9:45 PM |
| उदयपुर | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
आज 5 फरवरी 2026 को चतुर्थी का चांद क्यों खास है
आज का चांद सिर्फ खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत में दिन भर उपवास रखने के बाद रात में चांद देखने पर ही व्रत पूरा माना जाता है। इसलिए आज चांद का निकलना हर व्रती के लिए खास इंतजार का पल होता है। जैसे ही चांद दिखता है, मन में एक सुकून आता है कि अब पूजा और व्रत का संकल्प पूरा होने वाला है।
आज 5 फरवरी 2026 को चांद कैसा दिखाई देगा
अब सवाल यह भी उठता है कि आज चांद कैसा दिखेगा। 5 फरवरी 2026 को चांद पूर्णिमा के बाद की अवस्था में है। खुले आसमान में यह आसानी से दिखाई देगा। अगर हल्की धुंध या कोहरा भी हो, तब भी चांद की चमक नजर आने की संभावना रहती है। आज चतुर्थी का चांद देखने में सुंदर लगेगा और पूजा के समय मन को एक अलग ही शांति देगा।
क्या आज 5 फरवरी 2026 को चांद देख सकते हैं
परंपरा के अनुसार, आज चांद की पूजा होगी। तो इसे देखा जा सकता है। वहीं मौसम की बात करें तो फरवरी की शुरुआत में रात के समय हल्की ठंड रहती है। कहीं-कहीं कोहरा हो सकता है, लेकिन आमतौर पर देर रात आसमान साफ हो जाता है। ऐसे में आज चांद देखने की संभावना अच्छी मानी जा रही है। अगर आप खुले स्थान पर हों, छत या बालकनी में खड़े हों, तो चांद दिखेगा।
आज 5 फरवरी 2026 को चांद देखने के बाद क्या करें?
जब रात में चांद दिखाई दे जाए, तब परंपरा के अनुसार सबसे पहले चांद को जल अर्पित किया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण और पूजा की जाती है। यही वह समय होता है, जब संकष्टी चतुर्थी का व्रत पूर्ण माना जाता है। इसके बाद ही भोजन या जल ग्रहण किया जाता है। माना जाता है कि श्रद्धा और धैर्य के साथ चांद के दर्शन करने से जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।