अध्यात्म

9 February 2025 Panchang: पंचांग से जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल, उपाय और प्रदोष पूजा समय

9 February 2025 Panchang: आज द्वादशी और त्रयोदशी तिथि रहेगी। जिन लोगों ने एकादशी व्रत रखा है वो आज इस व्रत का पारण करेंगे तो वहीं कई भक्त आज प्रदोष व्रत रखेंगे। पंचांग से जानिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

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9 February 2025 Panchang

9 February 2025 Panchang: आज द्वादशी तिथि है। पूर्व जन्म के पापों के निवारण हेतु यह भगवान विष्णु के निमित्त पावन व्रत एकादशी का पारण है। भगवान भास्कर जी की उपासना करें। अन्न व गुड़ का दान करें, रविवार व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का 03 पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें।माता गंगा की उपासना करें। श्री आदित्यहृदय स्तोत्र के पाठ से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। भगवान सूर्य जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। अन्न-वस्त्र का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है।विष्णु उपासना से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। गायत्री मन्त्र का जप करें। घर मे हवन करें। जानें आज का पूरा पंचांग प्रदोष काल मुहूर्त समेत।

9 फरवरी 2025 प्रदोष काल मुहूर्त (Aaj Ka Pradosh Kaal Muhurat 9 February 2025)

रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त 9 फरवरी की शाम 7 बजकर 25 मिनट से लेकर 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ये प्रदोष काल समय है और इसी समय पर प्रदोष व्रत की पूजा की जाती है।

9 फरवरी 2025 पंचांग (9 February 2025 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-माघ, शुक्ल पक्ष,द्वादशी,एकादशी महाव्रत पारण

तिथि- द्वादशी 07:25 pm तक फिर त्रयोदशी

दिवस -रविवार

सूर्योदय-07:06am

सूर्यास्त-6:03pm

नक्षत्र- आद्रा 05:54 फिर पुनर्वसु

चन्द्र राशि - मिथुन,स्वामी ग्रह-बुध

सूर्य राशि- मकर,स्वामी ग्रह-शनि

करण- बव 07:48 am तक फिर बालव

योग- विष्कुंभ 2:09 pm तक फिर वैधृति

9 फरवरी 2025 शुभ मुहूर्त (9 February 2025 Shubh Muhurat)

अभिजीत-12:14pm से 12:58 pm तक

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:27pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:09am तक

अमृत काल-06:07am से 07:41am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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