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Ravi Pradosh Vrat 2025 Puja Vidhi, Muhurat: रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, महत्व और व्रत कथा यहां जानें

Ravi Pradosh Vrat 2025 Puja Vidhi, Muhurat: रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस व्रत को करने से भगवान शंकर के साथ-साथ सूर्य देव की भी कृपा प्राप्त होती है। चलिए आपको बताते हैं रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि, मुहूर्त और कथा।

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Ravi Pradosh Vrat 2025 Puja Muhurat

Ravi Pradosh Vrat 2025 Puja Vidhi, Muhurat: हिंदू पंचांग अनुसार 9 फरवरी को रवि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है इस व्रत को रखने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और शाम में शुभ मुहूर्त में शिव शंकर और माता पार्वती की पूजा करते हैं। साथ ही प्रदोष व्रत की कथा भी सुनते हैं। चलिए आपको बताते हैं रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि, मुहूर्त और कथा।

रवि प्रदोष व्रत 2025 पूजा मुहूर्त (Ravi Pradosh Vrat Puja Muhurat 2025)

रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त 9 फरवरी की शाम 7 बजकर 25 मिनट से लेकर 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ये प्रदोष काल समय है और इसी समय पर प्रदोष व्रत की पूजा की जाती है।

प्रदोष व्रत पूजा सामग्री लिस्ट (Pradosh Vrat Puja Samagri List In Hindi)

  • शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा
  • गंगाजल
  • दूध
  • दही
  • दीपक
  • अगरबत्ती
  • धूप
  • फल, मिठाई
  • शिव चालीसा या मंत्र पुस्तिका
  • घी
  • शहद
  • बेलपत्र
  • आक
  • धतूरा
  • चंदन
  • फूल

रवि प्रदोष व्रत पूजा विधि (Ravi Pradosh Vrat Puja Vidhi)

  • रवि प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सूर्यास्त के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद पूजा स्थान को साफ करें।
  • एक चौकी या आसन बिछाएं और उस पर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें।
  • शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं।
  • फिर प्रतिमा पर चंदन, फूल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं।
  • इसके बाद दीपक, अगरबत्ती और धूप जलाएं।
  • शिव चालीसा का पाठ करें।
  • भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  • फिर प्रदोष व्रत की कथा सुनें।
  • पूजा करने के बाद आरती करें।

प्रदोष व्रत का महत्व (Pradosh Vrat Ka Mahatva)

प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। कई श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए ये व्रत रखते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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