अध्यात्म

4 January 2025 Panchang: पंचांग से जानें पौष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के शुभ-अशुभ मुहूर्तों की पूरी डिटेल

4 January 2025 Panchang: परम पवित्र पौष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज शनिवार हैं। हनुमान जी की उपासना का दिवस है। सुंदरकांड का पाठ करें। जानिए आज का पूरा पंचांग।

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4 January 2025 Panchang

4 January 2025 Panchang: आज अन्न -वस्त्र , कम्बल का दान करें। परमपिता भगवान शिव परम ब्रम्ह हैं। भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते हैं। भगवान शंकर के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा स्नान करें। पौष माह में शंकर जी की उपासना बहुत ही पुण्यदायी है। शिव पुराण के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। पौष माह में कम्बल व ऊनी वस्त्रों के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। गंगा स्नान व दान पुण्य करने से सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है। प्रातःकाल शिव मन्दिर जाएं। भगवान शिवलिंग का जलाभिषेक करें। आज वर्ष का पहला शनिवार भी है। पीपल को जल दें। पीपल की 07 परिक्रमा करें। जानें आज का पूरा पंचांग।

आज का पंचांग 4 जनवरी 2025

संवत- पिंगल विक्रम

संवत 2081

माह-पौष. शुक्ल पक्ष

पर्व -पंचमी

व्रत -शनिवार व्रत

तिथि-पंचमी 09:59 pm तक फिर खष्ठी

दिवस -शनिवार

सूर्योदय-07:15am

सूर्यास्त-05:38pm

नक्षत्र- शतभिषा 09 :23 pm तक फिर पूर्वाभाद्रपद

चन्द्र राशि - कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि- धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति

करण- बव 10:57 am तक फिर बालव

योग- सिद्धि 10:05 am तक फिर व्यतिपात

शुभ मुहूर्त

अभिजीत-12:05 pm से 12:46 pm तक

विजय मुहूर्त-02:27pm से 03:29pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:22pm से 07:23pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:07am तक

अमृत काल-06:07am से 07:45am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:23 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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