अध्यात्म

Today Pradosh Kaal Time 31 August 2024: पंचांग से जानिए प्रदोष व्रत पूजा का समय, राहुकाल, अभिजित मुहूर्त और चांद निकलने का समय

31 August 2024 Panchang: पंचांग अनुसार 31 अगस्त को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। क्योंकि ये व्रत शनिवार के दिन पड़ रहा है इसलिए ये शनि प्रदोष व्रत कहलाएगा। जानिए प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

Image

31 August 2024 Panchang

31 August 2024 Panchang: इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत पूजा के लिए शाम का समय सबसे शुभ माना जाता है। जब ये व्रत शनिवार के दिन पड़ता है तो इसे शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है। पंचांग से जानिए शनि प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त, प्रदोष काल समय और राहुकाल टाइम।

प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2024 (Pradosh Vrat Puja Muhurat 2024)

31 अगस्त को प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:43 से 08:59 बजे तक रहेगा। त्रयोदशी तिथि 1 सितंबर की सुबह 03:40 बजे तक रहेगी।

31 अगस्त 2024 पंचांग (31 August 2024 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-भाद्रपद ,कृष्ण पक्ष

तिथि-त्रयोदशी

व्रत व पर्व- प्रदोष व्रत

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-05:47am

सूर्यास्त-06:47pm

नक्षत्र- पुष्य 07:38pm तक फिर आश्लेषा

चन्द्र राशि --कर्क

सूर्य राशि-सिंह

करण-गरज 03 pm तज तत्पश्चात वणिज

योग- वरियान 05:35 pm तक फिर परिघ

31 अगस्त 2024 शुभ मुहूर्त (31 August 2024 Shubh Muhurat)

अभिजीत-11:52am से 12:37 pm

विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:26 pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:28pm से 07:23 pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:07am तक

अमृत काल-06:05am से 07;53am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:43 तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:06pm तक

दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

31 अगस्त 2024 राहुकाल समय (31 August 2024 Rahukaal Time)

09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-क्या ना करें- आज प्रदोष का महान व्रत है। श्री शिव जी की उपासना का पवित्र दिवस है। परम पिता शंकर जी की उपासना व प्रदोष व्रत का नियम पूर्वक करने से कई जन्म के पापों का नाश होता है। किसी भी ग्रह जनित कष्ट का उपाय भी इस व्रत से कर सकते हैं। आज अन्न, तिल व वस्त्र का दान करें। आचरण शुद्ध हो।खान पान पर ध्यान दें। सात्विक रहें। श्री शिव नाम जप व रुद्राभिषेक करें। पूर्व जन्म के पापों के शमन के लिए प्रदोष बहुत पवित्र तिथि है। श्री शिवपुराण का पाठ करें। किसी को भी मन,वचन,व कर्म से कष्ट मत दें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article