अध्यात्म

22 December 2024 Panchang: पंचांग से जानिए पौष महीने की कृ्ष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन क्या होगा अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय

22 December 2024 Panchang (22 दिसंबर 2024 पंचांग): पौष मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि आज के दिन दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। उसके बाद अष्टमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Image

Aaj Ka Panchang

22 December 2024 Panchang (22 दिसंबर 2024 पंचांग): आज परम पवित्र पौष माह कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दिन रविवार है। रात्रि में कालाष्टमी पूजा है। आज माता दुर्गा जी की उपासना करें,शक्ति पूजा तिथि भी है। आज दुर्गासप्तशती के पाठ का बहुत महत्व है। माता की उपासना करें। माता दुर्गा जगत की माता हैं।वह पालनकर्ता व कल्याणकारी हैं। माता दुर्गा के 32 नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा स्नान करें। पौष माह में शंकर जी की उपासना बहुत ही पुण्यदायी है। शिव पुराण के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है,पुण्य की प्राप्ति होती है ।आज सात अन्न के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। यह व्रत फलाहारी होता है। 09 ग्रह के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस माह गंगा स्नान व दान पुण्य करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान विष्णु जी की भक्ति प्राप्त होती है। प्रातःकाल शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। रुद्राभिषेक करें। प्रातःकाल ब्रम्ह मुहूर्त में श्री अदित्यह्र्दयस्तोत्र का 03 पाठ करें। अब आइए जानें पूरा पंचांग।

22 December 2024 Panchang (22 दिसंबर 2024 पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-पौष, कृष्ण पक्ष,पर्व -कालाष्टमी व्रत

तिथि- सप्तमी 02:35pm तक फिर अष्टमी

दिवस -रविवार

सूर्योदय-07:08am

सूर्यास्त-05:24pm

नक्षत्र-उत्तराफाल्गुनी

चन्द्र राशि - सिंह,स्वामी-सूर्य 12:57 pm तक फिर कन्या,स्वामी ग्रह -बुध

सूर्य राशि- धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति

करण-बव 02:33pm तक फिर बालव

योग-आयुष्मान 07 pm तक फिर सौभाग्य

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53 am से 12:35 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:25pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:22pm से 07:24pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:04m से 05:09am तक

5अमृत काल-06:06am से 07:42am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:44से 12:21तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या न करें-माता-पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article