अध्यात्म

18 June Aaj Ka Panchang 2024: निर्जला एकादशी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय, यहां जानें पूरा पंचांग

18 June Aaj Ka Panchang 2024 (आज का पंचांग 18 जून 2024): पंचांग के अनुसार 18 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। आज के दिन सुबह 6 बजकर 25 मिनट के बाद द्वादशी तिथि की शुरुआत हो जाएगा। आइए जानें इस दिन का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 2024

18 June Aaj Ka Panchang 2024 (आज का पंचांग 18 जून 2024): आज के दिन सुबह 6 बजकर 25 मिनट तक ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। उसके बाद द्वादशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 59 मिनट से लेकर 12 बजकर 42 मिनट कर रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ माना जाएगा। आज के दिन राहुकाल का समय राहुकाल सायंकाल 03 बजे से 04:30 बजे तक रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ काम ना करें। अब यहां पढ़िए पूरे दिन का पंचांग।

18 June Aaj Ka Panchang 2024 (आज का पंचांग 18 जून 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,शुक्ल पक्ष

तिथि- एकादशी 06:25 am तक फिर द्वादशी

व्रत-मंगलवार व्रत,एकादशी व्रत

दिन-मंगलवार

सूर्योदय-05:24am

सूर्यास्त-07:20 pm

नक्षत्र- स्वाती 03:57pm तक फिर विशाखा

चन्द्र राशि- तुला स्वामी- ,स्वामी ग्रह-शुक्र

सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध

करण- विष्टि 06:25am तक फिर बव

योग- शिव 09:39 pm तक फिर सिद्ध

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:59am से 12:42 pm

2विजय मुहूर्त-02:26pm से 03:27 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:45 pm से 07:09 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:12am से 05:07am तक

5अमृत काल-06:06am से 07;56am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:45 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;51pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल सायंकाल 03 बजे से 04:30 बजे तक

क्या करें-भगवान विष्णु जी को समर्पित एकादशी का व्रत रहें। श्री राम व कृष्ण जी की उपासना भी करें। मन्दिर में कृष्ण जी का दर्शन करें। दान का आज बहुत महत्व है।आज उपवास फलाहार या निर्जला जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा।विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें। भगवान के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में बेल ,आम व पीपल का पेड़ लगाएं।आज अन्न व जल दान का बहुत महत्व है। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। मन्दिर में भंडार भी करवा सकते हैं।।गो माता को केला व पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। मंदिर में घण्टा व पुष्प चढ़ाएं। आज श्री सूक्त का पाठ करें।

क्या न करें- -चावल कदापि मत ग्रहण करें। एकादशी को चावल ग्रहण करना पाप में आता है।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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