अध्यात्म

15 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए भौम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

15 October 2024 Panchang (15 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): आज के दिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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15 October 2024 Panchang

15 October 2024 Panchang (15 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): प्रदोष व्रत के दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहने वाला है। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:53 से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस समय में पूजा करना शुभ रहेगा। प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में पूजा का मुहूर्त 06:24 pm से 07:08pm तक रहने वाला है। इस समय में प्रदोष व्रत की पूजा कर सकते हैं। मंगलवार के राहुकाल का समय दोपहर 03 बजे से सायंकाल 04:30 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। अब जानते हैं आज का पूरा पंचांग।

15 October 2024 Panchang (15 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन शुक्ल पक्ष

तिथि- त्रयोदशी

दिन- त्रयोदशी व्रत

सूर्योदय-06:19am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-पूर्वाभाद्रपद 10:09 pm तक फिर उत्तराभाद्रपद

चन्द्र राशि -कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि 04:51 pm तक फिर मीन ,स्वामी ग्रह -गुरु

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण= कौलव 02 pm तक फिर तैतिल

योग: वृद्धि 02:15 pm तक फिर ध्रुव

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:25 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;40am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल -उत्तर व उत्तर पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-दोपहर 03 बजे से सायंकाल 04:30 बजे तक

क्या करें-आज त्रयोदशी का पावन व्रत रहें। भगवान शंकर जी के आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे। आज शिव उपासना की जाती है। रुद्राभिषेक करें।त्रयोदशी व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह महान व्रत करें।भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। शिवलिंग पर गंगा जल,मधु,शक्कर व दुग्ध अर्पित करें।जो लोग व्याधि से ग्रसित हैं वे कुशोदक से भगवान शिव का अभिषेक करें। कुशोदक से रुद्राभिषेक करवाएं।

क्या न करें-आज असत्य का साथ भी मत दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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