अध्यात्म

12 October 2024 Panchang: दशहरा के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, यहां जानिए आज का पूरा पंचांग

12 October 2024 Panchang (12 अक्तूबर 2024 आज पंचांग): आज के दिन सुबह 10 बजकर 59 मिनट के बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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12 October 2024 Panchang

12 October 2024 Panchang (12 अक्तूबर 2024 आज पंचांग): आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत आज 10 बजकर 59 मिनट के बाद होगी। ऐसे में आज के दिन ही दशहरा का पर्व भी मनाया जाएगा। विजयदशमी के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 42 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दिन विजय मुहूर्त 02:20pm से 03:23 pm तक रहेगा। इस समय में विजयदशमी की पूजा करना शुभ होगा। अब आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग।

12 October 2024 Panchang (12 अक्तूबर 2024 आज पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन शुक्ल पक्ष

तिथि- नवमी 10:59 am तक तत्पश्चात दशमी

दिवस-शनिवार,व्रत-दशमी

सूर्योदय-06:17am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र- श्रवण

चन्द्र राशि -मकर,स्वामी-शनि

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण= कौलव 10:59 am तक फिर तैतिल

योग:-धृति

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:52 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:23 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-आज नवमी दिवस है। 10:59 am के बाद दशमी लग जायेगी। व्रत रखने वाले आज ही पारण रहेंगे। आज माता सिद्धिदात्री के रूप में माता दुर्गा की उपासना की जाती है। शिव व शक्ति की उपासना करें।दुर्गासप्तशती का पाठ करें।माता के नाम का जप करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का 09 पाठ पुण्यदायी है। नवरात्र व्रत का पुण्य अखण्ड है,इस व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके दुर्गासप्तशती का पाठ करें या कराएं।बेहतर है कि माता दुर्गा की भक्ति मांगे।यह स्थायी है। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है।शिव उपासना अवश्य करें। सप्तश्लोकी दुर्गा का 108 या 09 पाठ अवश्य करें। माता दुर्गा के 108 नाम का जप करें। श्री राम जी की उपासना करें। श्री रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें।

क्या न करें-असत्य वाचन से बचें।किसी की निंदा करने से पुण्य का ह्रास होता है पर निंदा से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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