1 October 2024 Panchang: पंचांग अनुसार 1 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी 09:19 am तक फिर उत्तराफाल्गुनी लग जाएगा। सूर्य देव कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। तो वहीं चंद्र देव सिंह राशि में रहेंगे। अभिजित मुहूर्त 11:54 am से 12:37 pm तक रहेगा। गोधुली मुहूर्त 06:20pm से 07:25 Pm तक रहेगा। जानिए 1 अक्टूबर का पूरा पंचांग।
1 अक्टूबर 2024 पंचांग (1 October 2024 Panchang)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आश्विन ,कृष्ण पक्ष
तिथि- चतुर्दशी,09:34 pm तक फिर अमावस्या
व्रत- पितृ पक्ष श्राद्ध चतुर्दशी ,चतुर्दशी व्रत,मंगलवार व्रत
दिवस-मंगलवार
सूर्योदय-06:13am
सूर्यास्त-06:09pm
नक्षत्र-- पूर्वाफाल्गुनी 09:19 am तक फिर उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र राशि -- सिंह,- स्वामी ग्रह-सूर्य 04:03 pm तक फिर कन्या राशि,स्वामी ग्रह-बुध
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण- विष्टि08:22am तक फिर शकुनि
योग- शुक्ल
1 अक्टूबर 2024 शुभ मुहूर्त (1 October 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:54 am से 12:37 pm तक
विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:23 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:25 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:05am तक
अमृत काल-06:08am से 07;42am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45 से 12:21 तक रात
संध्या पूजन-06:26 pm से 07:05pm तक
दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल--दोपहर 04 बजे से सायंकाल 04:30 बजे तक
क्या करें-क्या ना करें- आश्विन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है। आज चतुर्दशी श्राद्ध दिवस है। अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करें। आज मंगलवार का पावन व्रत रख सकते हैं। हनुमान जी की उपासना करें। हनुमान जी संकटहर्ता हैं। उनकी भक्ति संकटों से मुक्तिदायनी हैं। वह संकटों का नाश करते हैं। हनुमान जी की उपासना से सभी देवता प्रसन्न रहते हैं। आज संकीर्तन करें। गंगा जल से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करने से पापों से मुक्ति मिलती है। सायंकाल बजरंगबली जी के मंदिर पहुचकर उनको पीपल के पत्ते की माला अर्पित करें। सात्विक रहें। सत्य बोलें।इसका बहुत महत्व है। सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान चालीसा का 07 पाठ करें। पितृ पक्ष में नियमित पितरों का श्राद्ध करें। गाय को रोटी, गुड़ व भोजन दें। कौवे को नित्य भोजन दें। श्राद्ध पक्ष में नियमित तर्पण करें व तिथि के दिन श्राद्ध अवश्य करें। पिता, माता , गुरु व बड़े भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। आज रोग से पीड़ित लोग हनुमान बाहूक का पाठ करें। पितरों का श्राद्ध करना मत भूलें।
