Vrushabh Yearly Rashifal 2022 (Taurus Yearly Horoscope 2022): वृष राशि ज्योतिष की राशियों में द्वितीय राशि है। इसका स्वामी शुक्र होता है। शुक्र वैभव व ऐश्वर्य का प्रतीक है। शुक्र फ़िल्म तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कारक ग्रह है। कन्या, तुला, मकर तथा कुम्भ इसकी मित्र राशियां हैं। बुध तथा शनि इसके मित्र ग्रह हैं। ओपल तथा हीरा शुक्र के रत्न हैं। इस राशि के जातक फ़िल्म, मीडिया, प्रबंधन, विधि तथा प्रशासन के फील्ड में बहुत सफल होते हैं। शुक्र राजनीति भी करवाता है तथा प्रशासन में वित्तीय पद भी देता है। बैंकिंग व लॉ के फील्ड में सफल करता है। फिल्म निर्माण में विश्व प्रसिद्ध बनाता है। शुक्र से प्रभावित लोग राजनीति में मुख्यमंत्री व राज्यपाल तक बनते हैं।
वृषभ वार्षिक राशिफल 2022
1. स्वास्थ्य
स्वास्थ्य सुख बेहतर रहेगा लेकिन 15 जून से अगस्त तक समस्या दे सकता है। सितम्बर के बाद बहुत अच्छा समय रहेगा। यूरिन की प्रॉब्लम शुक्र देता है, स्टोन की समस्या भी आ सकती है। शुगर व बीपी से प्रभावित लोग इस वर्ष अत्यंत सावधानी बरतेंगे। शुभ मुहूर्त में कुशोदक से रुद्राभिषेक कराते रहें।
2. जॉब व व्यवसाय
इस वर्ष आपका जॉब का समय बहुत शानदार रहेगा। अगस्त से नवम्बर के मध्य कोई बड़ी सफलता मिलेगी। विदेश जाने की प्रबल संभावना है। सितम्बर से नवंबर के मध्य जॉब चेंज के अवसर प्राप्त होंगे। जॉब में पदोन्नति भी होगी। व्यवसाय फरवरी के बाद ही ठीक होने की सम्भावना है। अप्रैल से जुलाई तक धन आगमन के संकेत हैं।
3. दाम्पत्य जीवन
शुक्र इस राशि का स्वामी है। शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है। इस वर्ष जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ है, उनके विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी। विवाह के संयोग बनेंगे। फरवरी तक लव लाइफ को बचाकर रखना होगा। इस वर्ष आपका वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। अगस्त माह में पारिवारिक कारणों से दाम्पत्य जीवन मे थोड़ा तनाव का माहौल बन सकता है। शुक्र का उपाय करने से प्रेम में माधुर्यता बनी रहेगी।
4. आर्थिक स्थिति
व्यवसाय में लाभ रहेगा। जून के बाद स्थिति अच्छी रहेगी। इस वर्ष धन का निवेश रियल स्टेट में करेंगे। अप्रैल के बाद धन का आगमन बहुत अच्छा होगा। जमीन या मकान खरीदने के संयोग बनेंगे। वाहन भी खरीदने का सुखद संयोग बन सकता है। यह वर्ष आर्थिक उन्नति का है।
5. शुभ समय
15 फरवरी से 15 मार्च तक फिर जून, जुलाई व नवम्बर तक - यह समय आपके लिए शुभ है।
6. उपाय
शुक्र के बीज मंत्र के जप करें। समय समय पर शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक कराते रहें। प्रत्येक शुक्रवार को पुरुष सूक्त के साथ श्री सूक्त का पाठ करें। वैभव लक्ष्मी का व्रत रहें। सुगंधित इत्र का प्रयोग करें। माता लक्ष्मी जी व विष्णु जी की उपासना करें। प्रत्येक शुक्रवार को चावल का दान करें। जीवन साथी का सम्मान करने से शुक्र का प्रभाव बेहतर होता है व धन का आगमन होता है।

