महंगाई बढ़ने से खाने-पीने, रहने और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर कम आय वाले नौकरीपेशा लोगों पर हुआ है। साल दर साल बढ़ती महंगाई में घर चलाने से लेकर बच्चों की पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों के लिए बचत करना बहुत ही मुश्किल काम हो गया है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि यह असंभव हो गया है। बचत एक अनुशासन है। इसे आप अपनी आदत में आसानी से शुमार कर सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि अगर आपकी सैलरी मात्र 30000 रुपये भी है तो भी आप अपनी सभी जरूरतों को पूरा करते हुए 5000 रुपये मंथली की सेविंग कैसे कर सकते हैं।
किस तरह बजट बनाएं की पैसे बचें?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना हे कि अगर आपकी मंथली सैलरी ₹30,000 है, तो रहने-सहने के तय खर्चों में इसका एक बड़ा हिस्सा चला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आप किराए के लिए लगभग ₹7,000 और बच्चे की पढ़ाई के लिए 5000 निकाल देते हैं तो आपके पास राशन, आने-जाने के खर्च और बचत के लिए ₹18,000 बचते हैं।
अब सवाल उठता है कि पैसे बचेंगे कैसे तो इसके लिए आपको बाकी खर्चों के लिए एक बजट बनाना होगा, जिससे फिजूलखर्ची पर लगाम लगे। सबसे पहले आप रोजमर्रा के खर्चों पर लगाम लगाने के लिए एक निश्चित रकम अलग निकाल कर रखें। आने-जाने और ट्रांसपोर्ट के खर्चों के लिए लगभग ₹5,000 अलग रखें और मोबाइल रिचार्ज के लिए लगभग ₹1,000 रखें। समझदारी से बजट बनाने पर महीने के आखिर में पैसों की तंगी नहीं होती।
अब आपके पास 12,000 रुपये बचेंगे। इस पैसे में इमरेंजेंसी फंड और दूसरे मिसलेनियस खर्चों के लिए 7000 रुपये निकाल लें। फिर भी आप आसानी से 5000 रुपये बचा लेंगे जिसे आप अपने वित्तीय गोल के अनुसार निवेश करें।
हमेशा याद रखें कि आय और खर्च का सही प्रबंधन के लिए हर महीने बजट जरूर बनाएं। इससे आपको पता होगा कि आपको कहां खर्च करना और कहां नहीं? साथ ही आप आसानी से बचत कर पाएंगे। बचत की शुरुआत जितनी जल्दी हो करें। आपका छोटा निवेश कब बड़ा फंड बन जाएगा आपको पता ही नहीं चलेगा। इसलिए निवेश यह सोच कर नहीं करें कि अभी पैसे नहीं बच रहे हैं। जब सैलरी बढ़ेगी तब शुरू करुंगा। आप 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
