क्या आपने कभी यह देखा है कि कई बार लोग गहरे कुएं या सुरंग में उतरने से पहले जलता हुआ कागज या कार्डबोर्ड नीचे फेंकते हैं। कई लोगों को लगता है कि यह किसी अंधविश्वास की वजह से ऐसा किया जाता है।
मगर ऐसा नहीं है, गहरे कुएं या सुरंग में उतरने से पहले जलते हुए कागज और गत्ते को फेंकने के पीछे उनकी सेफ्टी सबसे बड़ी वजह होती है। यह उनकी जान बचाने वाली एक शानदार ट्रिक है। आइए आज हम आपको इसके पीछे की वजहों के बारे में बताते हैं।
दरअसल, गहरे कुएं, सुरंगे या फिर बंद गड्ढे ऊपर से देखने में भले ही बहुत सामान्य दिखते हैं लेकिन इनके नीचे मौत भी छिपी हो सकती है क्योंकि ऐसी संकरी और बंद जगहों में नीचे की हवा कई बार दिखाई नहीं देतीं लेकिन उसमें जहरीली गैस भरी हो सकती हैं।
इन जगहों पर कार्बन डाई ऑक्साइड या हाईड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसें हो सकती हैं। जो हवा से भारी होती हैं इसलिए ये गहराई में नीचे तल पर जमा हुई रहती हैं। अगर कोई इंसान सीधे नीचे गहरे कुएं या सुरंग में उतर जाए तो वह इन गैसों की वजह से तुरंत बेहोश भी हो सकता है।
कई बार तो चिल्लाने तक का मौका नहीं मिलता। अब यह समझ लीजिए कि नीचे भला जलती हुई आग क्यों फेंकी जाती है। असल में आग को जलने के लिए ऑक्सीजन चाहिए। अगर आग नीचे पहुंचते ही बुझ जाए तो समझो कि वहां की हवा में ऑक्सीजन नहीं है।
जहां ऑक्सीजन ना हो, वहां की हवा इंसानों के सांस लेने के लायक नहीं होती है और ऐसी स्थिति में इन जगहों पर नीचे उतरना सीधे जान जोखिम में डालने के बराबर है। पुराने समय में लोग एक और दिलचस्प तरीका अपनाते थे। वे इन जगहों पर अपने साथ एक छोटी कैनरी चिड़िया ले जाते थे।
ऐसे में अगर कोई खतरनाक गैस कुएं या सुरंग में होती थीं तो चिड़िया बेहोश होकर गिर जाती थी। जिससे लोगों को पता चल जाता था कि आगे खतरा है और वे तुरंत वहां से निकल जाते थे। आज भले ही आधुनिक गैस डिटेक्टर आ चुके हों लेकिन आज भी अनुभवी मजदूर नीचे उतरने से पहले हवा को जरूर परखते हैं।