पुलिस की गाड़ियों पर लाल और नीली बत्ती का इस्तेमाल बहुत ही आम है। चाहे वह भारत हो या दुनिया का कोई दूसरा देश। हर जगह पुलिस की गाड़ियों पर लाल और नीले रंग की बत्ती होती है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इन गाड़ियों पर हमेशा लाल और नीली बत्ती ही क्यों होती है? हरे, पीले या किसी अन्य रंग की बत्ती का उपयोग क्यों नहीं किया जाता? आज हम इसके पीछे की वजह को ही जानेंगे।
पुलिस के अपने गाड़ियों पर लाल और नीले रंग की बत्ती का इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा कारण है इन दो रंगों की विजिबिलिटी। इनके वेबलेंथ (wavelength) कि वजह से इन्हें काफी दूर से और खराब मौसम में भी देखा जा सकता है
लाल रंग की Wavelenght (तरंगदैर्घ्य) काफी लंबी होती है, जिसके कारण यह कोहरे, धूल या बारिश जैसी नो विजिबिलिटी की स्थिति में भी आसानी से दिखाई देता है।
लाल रंग को आपातकाल (emergency) से जोड़ा जाता है, क्योंकि यह खतरे या फिर अलर्ट का प्रतीक है। जबकि नीला रंग प्राधिकरण (authority) और विश्वास का प्रतीक है।
वहीं, नीले रंग की Wavelenghth (तरंगदैर्घ्य) छोटी होती है, जो दिन के उजाले में या फिर चमकदार परिस्थितियों में भी बड़ी आसानी से देखी जा सकती है। यह रंग आंखों को तुरंत अपनी ओर आकर्षित करता है और लोगों का ध्यान खींचने में कारगर साबित होता है।
एक साथ पुलिस की गाड़ी पर लाल और नीले रंग की बत्ती दिन और रात, दोनों समय में कारगर है। जिससे लोगों को पुलिस की गाड़ी को हर परिस्थिति में आसानी से दिख जाए। इतना ही नहीं, लाल और नीले रंग की बत्ती पुलिस के अलावा एंबुलेंस की गाड़ियों में भी होती है।