सबसे पहले तो आप यह जान लीजिए कि आखिर यह नौतपा भारत में किस समय आता है? इसका जवाब यह है कि भारत में हर साल मई के महीने में नौतपा आता है। इस दौरान देश में प्रचंड गर्मी और तेज धूप होती है। साथ ही सूरज की तपिश भी अपने चरम पर होती है और लोग इस वक्त तेज धूप और लू से बहुत परेशान होते हैं।
बता दें कि नौतपा की शुरुआत सूरज के रोहिणी नक्षत्र में आने से होता है। आमतौर पर भारत में यह समय मई के आखिरी हफ्ते में आता है। जब सूरज इस नक्षत्र में रहता है तब उसकी किरणें धरती पर सीधी और बहुत तेज पड़ती हैं। इसी वजह से नौतपा के वक्त गर्मी काफी बढ़ जाती है।
अब सवाल यह है कि आखिर नौतपा 9 दिन का ही क्यों होता है? असल में सूरज हर एक नक्षत्र में लगभग 13 से 15 दिन तक रहता है। इस रोहिणी नक्षत्र में भी सूरज 15 दिन तक रहता है। मगर इस नक्षत्र में सूर्य के आने से पहले के 9 दिन सबसे ज्यादा गर्म होते हैं।
दरअसल, इन 9 दिनों में सूरज की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि उसकी किरणें सीधे धरती को छूती हैं। जिससे लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस होती है और इस वक्त सूरज अपने पीक पर होता है। अगर आसान शब्दों में कहें तो इन 9 दिनों में सूरज धरती पर अपना कहर बरपाता है।
इन 9 दिनों में सूरज के कहर को देखते हुए ही इस वक्त को नौतपा नाम दिया गया है। जिसका मतलब 9 दिन की तपिश है। बताया जाता है कि इन 9 दिनों में गर्मी जितनी तेज पड़ती है, आने वाले मानसून में बारिश उतनी ही अच्छी होती है।
यानी कि अच्छी बारिश के लिए नौतपा का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए एक कहावत भी कही जाती है, जहां लोग कहते हैं कि, "नौतपा जितना तपेगा, मानसून उतना ही अच्छा होगा" इसलिए अगली बार से नौतपा की गर्मी को कोसिएगा मत, बस यह समझ लीजिएगा कि जो हो रहा है वह अच्छे के लिए हो रहा है।
एक बात यह भी जान लें कि नौतपा के होने से सिर्फ मानसून ही अच्छा नहीं होता बल्कि यह समय खेती के लिए भी अच्छा माना जाता है। दरअसल, इस वक्त तेज गर्मी के कारण खेतों की मिट्टी गहराई तक गर्म हो जाती है। जिससे हानिकारक कीट, बैक्टीरिया, और टिड्डियों के अंडे नष्ट हो जाते हैं, जिससे फसलें सुरक्षित रहती हैं।
इस वक्त अगर आपको कुछ सोचना है तो बस यह सोचना है कि आप खुद को इस गर्मी से कैसे बचाएंगे? इसके लिए हम आपको कुछ उपाय बता देते हैं, जिसका ध्यान आपको जरूर रखना चाहिए। नौतपा के दिनों में आपको पानी भरपूर पीते रहना है। साथ ही बिना किसी ठोस कारण के दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलना है। साथ ही आपको हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने हैं और अपने सिर को हमेशा ढक कर रखना है। इसके अलावा आपको ताजे फल और ठंडा खाना खाते रहना है।