जानकारी के अनुसार, मोर आमतौर पर दिन में लगभग 9 से 12 घंटे तक सोते हैं, और औसतन उनकी नींद करीब 10 घंटे मानी जाती है। मोर ज्यादातर रात के समय सोते हैं। यानी जैसे ही सूरज ढलता है, ये आराम करने लगते हैं और सूरज निकलने तक सोते रहते हैं।
भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में दिन और रात की लंबाई मौसम के अनुसार बदलती रहती है। इसी वजह से मोर की नींद का समय भी थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। गर्मियों में दिन लंबे होते हैं, तो उनकी नींद थोड़ी कम हो सकती है।
जबकि सर्दियों में रातें लंबी होने के कारण वे ज्यादा देर तक सो सकते हैं। दिन के समय मोर काफी सक्रिय रहते हैं। वे भोजन ढूंढते हैं, इधर-उधर घूमते हैं, पानी पीते हैं और कभी-कभी छांव में बैठकर आराम करते हैं।
हालांकि, यह आराम गहरी नींद नहीं होता, बल्कि हल्का विश्राम होता है। मोर की सोने की आदतें भी काफी दिलचस्प होती हैं। जंगली मोर आमतौर पर रात में ऊंचे पेड़ों पर उड़कर बैठते हैं और वहीं सोते हैं।
ऐसा वे अपनी सुरक्षा के लिए करते हैं, ताकि जमीन पर मौजूद शिकारियों से बच सकें। कई बार ये समूह में भी एक साथ बैठकर आराम करते हैं, जिससे उन्हें ज्यादा सुरक्षा मिलती है।
अगर मोर को कैद में रखा जाए, जैसे चिड़ियाघर या किसी सुरक्षित जगह पर, तब भी वे लगभग इसी तरह का रूटीन फॉलो करते हैं। शाम होते ही वे ऊंची जगह ढूंढ लेते हैं और सुबह होने पर नीचे उतरते हैं।
कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो मोर की नींद उनकी सुरक्षा और वातावरण पर निर्भर करती है। औसतन 10 घंटे की नींद लेकर वे दिनभर सक्रिय और सतर्क रहते हैं, जो उनकी जीवनशैली के लिए बेहद जरूरी है।