जिस बबल रैपर को फोड़ने में आता है मजा, वह इंजीनियरों की एक गलती थी, जानें कैसे बना यह पैकेजिंग आइटम

आपने कभी न कभी बबल रैपर जरूर देखा होगा। यह वही प्लास्टिक शीट होती है जिसमें छोटे-छोटे हवा से भरे बुलबुले होते हैं। लोग इसका इस्तेमाल सामान पैक करने के लिए करते हैं, लेकिन कई लोगों को इसे फोड़ने में भी बहुत मजा आता है। दिलचस्प बात यह है कि बबल रैपर का आविष्कार कुछ सोचकर या किसी बड़ी योजना के तहत नहीं किया गया था, बल्कि यह एक गलती की वजह से बना था। आइए आज जानते हैं कि किससे और कैसे वह गलती हुई, जिससे इस बबल रैपर का आविष्कार हुआ।

Authored by: पंकज यादवUpdated Mar 13 2026, 06:52 IST
आपने भी देखा होगा बबल रैपरImage Credit : IStock01 / 07

आपने भी देखा होगा बबल रैपर

कोई भी पैकेजिंग वाला समान हमारे पास आता है तो आपने देखा होगा कि उसे बबल रैपर में रैप करके अंदर रखा गया होता है। इस बबर रैपर का काम सामान की सुरक्षा करना होता है।

इन्हें फोड़ने में बहुत ही आता है मजाImage Credit : IStock02 / 07

इन्हें फोड़ने में बहुत ही आता है मजा

जब हम उस सामान को बबल रैपर से निकाल लेते हैं तो हम उसे रैपर को यूं ही नहीं फेंक देते, बल्कि हम उसे अपने पास रखते हैं ताकि उसे खाली समय में फोड़ सकें। जब हम उस बबल रैपर को एक-एक कर फोड़ते हैं तो दिल को बड़ी ही सुकून मिलता है।

कैसे हुआ बबल रैपर का आविष्कार?Image Credit : IStock03 / 07

कैसे हुआ बबल रैपर का आविष्कार?

ऐसे में आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बबल रैपर का आविष्कार कोई जानबूझ कर नहीं किया गया था बल्कि यह एक गलती का परिणाम था, जो इसे बनाने वाले इंजीनियरों ने की थी। आइए आज जानते हैं कि बबल रैपर का आविष्कार आखिर कैसे हुआ था और कैसे यह पैकेजिंग इंडस्ट्री का सबसे खास आइटम बन गया।

इन लोगों की गलती का परिणाम है यह बबल रैपरImage Credit : IStock04 / 07

इन लोगों की गलती का परिणाम है यह बबल रैपर

यह बात साल 1957 की है। जब दो इंजीनियर अल्फ्रेड फील्डिंग (Alfred Fielding) और मार्क चवनेस (Marc Chavannes) एक नए आइडिया को आजमा रहे थे। उनका मकसद प्लास्टिक से एक खास तरह का टेक्सचर्ड वॉलपेपर बनाना था, जिसे घर की दीवारों पर लगाया जा सके।

क्या हुई थी गलती?Image Credit : IStock05 / 07

क्या हुई थी गलती?

इसके लिए उन्होंने दो प्लास्टिक शीट को आपस में जोड़ने की कोशिश की। लेकिन इस प्रक्रिया में प्लास्टिक के बीच छोटे-छोटे हवा के बुलबुले फंस गए। उनका वॉलपेपर वाला आइडिया सफल नहीं हुआ, लेकिन इस प्रयोग से जो चीज बनी वही बाद में बबल रैपर बन गई।

चीजों को पैक करने के लिए किया जाने लगा इस्तेमालImage Credit : IStock06 / 07

चीजों को पैक करने के लिए किया जाने लगा इस्तेमाल

शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि इस चीज का इस्तेमाल कहां किया जाए। बाद में इंजीनियरों को लगा कि यह नाजुक सामान की पैकिंग के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। जब कांच, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य नाजुक चीजों को पैक करने में इसका इस्तेमाल शुरू हुआ, तो यह जल्दी ही बहुत लोकप्रिय हो गया।

बबल रैपर के कई कामImage Credit : IStock07 / 07

बबल रैपर के कई काम

आज बबल रैपर का इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है। यह सामान को टूटने या खराब होने से बचाता है। इसके अलावा कई लोगों को इसे फोड़ने में भी मजा आता है। कुछ लोगों के लिए यह तनाव कम करने का तरीका भी बन गया है।

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