अब CIBIL स्कोर नहीं, बिजली-पानी के बिल तय करेंगे लोन मिलेगा कि नहीं? सरकार कर रही तैयारी

ULI Digital Lending System: अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है और आपको डर है कि इससे लोन नहीं मिलेगा, तो आपके लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार जल्द ही यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) नामक एक नया डिजिटल लेंडिंग सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिसमें CIBIL स्कोर जैसी पारंपरिक जांच प्रणाली को दरकिनार किया जाएगा। यह पहल करोड़ों लोगों के लिए लोन की पहुंच को आसान बनाएगी।

Authored by: Updated Jul 22 2025, 12:26 IST
नई डिजिटल लोन व्यवस्थाImage Credit : Istock01 / 07

नई डिजिटल लोन व्यवस्था

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) नामक एक नई डिजिटल लोन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

अब क्रेडिट स्कोर नहीं, व्यवहारिक डेटा से तय होगा लोनImage Credit : Istock02 / 07

अब क्रेडिट स्कोर नहीं, व्यवहारिक डेटा से तय होगा लोन

ULI सिस्टम पारंपरिक क्रेडिट स्कोर की बजाय उपभोक्ताओं के व्यवहारिक डेटा का उपयोग करेगी। इसमें बिजली-पानी के बिलों के भुगतान, GST रिटर्न और अन्य डिजिटल ट्रांजैक्शन के डेटा के आधार पर लोन की योग्यता तय की जाएगी। इससे उन लोगों को भी लोन मिल सकेगा जिनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। (फोटो सोर्स-istock)

छोटे कारोबारियों, किसानों और अनौपचारिक क्षेत्र को मिलेगा लाभImage Credit : Istock03 / 07

छोटे कारोबारियों, किसानों और अनौपचारिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ

​नई व्यवस्था खासतौर से उन वर्गों के लिए फायदेमंद होगी जो पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से बाहर हैं- जैसे कि रेहड़ी-पटरी वाले, छोटे दुकानदार, किसान और घरेलू श्रमिक। जिनके पास CIBIL स्कोर नहीं होता, लेकिन वे समय पर बिल चुकाते हैं-ULI उनके लिए लोन के दरवाजे खोलेगा। (फोटो सोर्स-istock)​

वित्त मंत्रालय और DFS की अगुवाई में हो रही है तैयारी​Image Credit : Istock04 / 07

वित्त मंत्रालय और DFS की अगुवाई में हो रही है तैयारी​

​एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ULI प्रणाली को वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की निगरानी में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोन की प्रक्रिया को पारदर्शी, तकनीक-आधारित और समावेशी बनाना है, जिससे बैंकिंग प्रणाली का दायरा बढ़े। (फोटो सोर्स-istock)​

RBI और सरकारी विभाग कर रहे हैं तेजी से क्रियान्वयन​Image Credit : Istock05 / 07

RBI और सरकारी विभाग कर रहे हैं तेजी से क्रियान्वयन​

​ULI के देशव्यापी रोलआउट को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और अन्य संबंधित विभागों ने मिलकर रणनीति तैयार की है। बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों को इस प्रणाली को जल्द से जल्द अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन संस्थानों ने अब तक इसे लागू नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द जुड़ने के लिए कहा गया है। (फोटो सोर्स-istock)​

पारदर्शिता और प्राइवेसी पर खास जोरImage Credit : Istock06 / 07

पारदर्शिता और प्राइवेसी पर खास जोर

​ULI प्रणाली में उपयोगकर्ता की सहमति के बिना कोई डेटा साझा नहीं किया जाएगा। सरकार इसे पूरी तरह डेटा गोपनीयता के नियमों के तहत संचालित करेगी। इससे आम लोगों का भरोसा बढ़ेगा और डिजिटल लेंडिंग में पारदर्शिता आएगी। (फोटो सोर्स-istock)​

आसान तकनीक और कम लागत में तेज लोन प्रोसेसिंगImage Credit : Istock07 / 07

आसान तकनीक और कम लागत में तेज लोन प्रोसेसिंग

इस प्रणाली की तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सभी लेंडर्स (बैंक और एनबीएफसी) एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ सकें। इससे लोन की प्रक्रिया तेज होगी, लागत घटेगी और कागजी काम कम होगा। खास बात यह है कि उधार देने वाले संस्थान भी जोखिम का बेहतर आकलन कर सकेंगे. (फोटो सोर्स-istock)​

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