ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रेन लेट होने पर टिकट का रिफंड कैसे और कितने घंटे की देरी पर मिलता है? इसके लिए रेलवे ने कुछ नियम निर्धारित किए हैं।
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर कोई ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा देरी से चल रही है और यात्री अपनी यात्रा रद्द करना चाहता है, तो उसे टिकट का पूरा रिफंड मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू होती हैं।
अगर किसी यात्री ने तत्काल टिकट बुक किया है और वह कंफर्म हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में ट्रेन लेट होने के बावजूद भी टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यह नियम केवल सामान्य (जनरल) और आरक्षित (रिजर्व्ड) टिकट पर ही लागू होता है।
अगर आपकी ट्रेन लेट होने के कारण टिकट कैंसिल करनी पड़ी है, तो रिफंड के लिए टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट (TDR) फाइल करना जरूरी होता है। आप इसे IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या रेल कनेक्ट ऐप के जरिए ऑनलाइन फाइल कर सकते हैं।
सामान्य तौर पर रिफंड की राशि 5 से 7 दिन के भीतर यात्री के बैंक अकाउंट में आ जाती है। हालांकि, रेलवे ने अधिकतम 90 दिनों की अधिकतम लिमिट तय की है। अगर इस दौरान रिफंड नहीं मिलता है, तो यात्री शिकायत दर्ज कर सकता है और आगे की प्रक्रिया के तहत समाधान पा सकता है।
अगर आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं और आपकी ट्रेन लेट हो जाती है, तो रिफंड के लिए रेलवे के नियमों की सही जानकारी होना जरूरी है। इससे आप बिना किसी परेशानी के अपनी राशि वापस पा सकते हैं और आगे की यात्रा प्लान को सुचारू रूप से बना सकते हैं।