Sep 06, 2026
गिलास में तो ठंडा पानी या ड्रिंक है, फिर बाहर छोटी-छोटी बूंदें कहां से आ गईं? इसका जवाब काफी दिलचस्प है।
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बता दें कि गिलास के बाहर जमा पानी अंदर के पानी से बाहर नहीं निकलता। असल में ये पानी हमारे आसपास की हवा से आता है।
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भले ही हमें दिखाई नहीं देता, लेकिन हवा में हमेशा कुछ मात्रा में जलवाष्प यानी पानी की भाप मौजूद रहती है।
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जब बहुत ठंडा गिलास कमरे में रखा जाता है, तो उसकी बाहरी सतह भी ठंडी हो जाती है। यहीं से पानी की बूंदें बनने लगती हैं।
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गिलास के आसपास की गर्म हवा जब ठंडी सतह के संपर्क में आती है, तो उसमें मौजूद जलवाष्प ठंडी होने लगती है।
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ठंडी सतह पर पहुंचकर हवा की जलवाष्प छोटी-छोटी पानी की बूंदों में बदल जाती है। इसी प्रक्रिया को संघनन (Condensation) कहते हैं।
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शुरुआत में ये बूंदें बहुत छोटी होती हैं। धीरे-धीरे कई बूंदें मिलकर गिलास के बाहर पानी की परत बना देती हैं।
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अगर गिलास बहुत ज्यादा ठंडा है और आसपास की हवा में नमी ज्यादा है, तो बाहर बूंदें जल्दी और ज्यादा बन सकती हैं।
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गर्म और नम मौसम में हवा में ज्यादा जलवाष्प हो सकती है इसलिए ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें ज्यादा आसानी से नजर आती हैं।
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