PM-KISAN योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों (2000 रुपये प्रति किस्त) में दी जाती है, जिससे किसान बीज, खाद और कृषि उपकरण जैसी जरूरी चीजें खरीद सकें। आवेदन के लिए किसान pmkisan.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। जल्द ही किसानों को इस योजना की 20वीं किस्त भी मिलने वाली है। (फोटो सोर्स-istock)
इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन दी जाती है। किसान हर महीने एक मामूली राशि जमा करते हैं, जिसे सरकार भी बराबर मिलाकर उनके पेंशन फंड में जोड़ती है। इस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए नजदीकी LIC शाखा, CSC या Maandhan पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। (फोटो सोर्स-istock)
जुलाई 2025 में शुरू हुई यह योजना किसानों को अनाज भंडारण और फसल प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके तहत आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलती है। किसान इसके लिए कृषि विभाग की वेबसाइट या जिला कृषि कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। (फोटो सोर्स-istock)
PMFBY यानी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदा, कीट या रोग से फसल नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना में किसान को बहुत कम प्रीमियम देना होता है और बाकी राशि सरकार वहन करती है। इस योजना के लिए आवेदन CSC, बैंक या आधिकारिक वेबसाइट के जरिए किया जा सकता है। (फोटो सोर्स-istock)
"हर खेत को पानी" के लक्ष्य के साथ शुरू हुई PMKSY योजना में किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसे माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाने में मदद मिलती है। यह योजना जल संरक्षण को भी बढ़ावा देती है। इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन राज्य कृषि विभाग या स्थानीय कृषि कार्यालय में जाकर किया जा सकता है। (फोटो सोर्स-istock)
PMFBY के अतिरिक्त कई राज्य सरकारें भी अपनी अलग-अलग फसल बीमा योजनाएं चलाती हैं जो जलवायु परिवर्तन, सूखा या अतिवृष्टि जैसी स्थितियों में किसानों की आय की सुरक्षा करती हैं। इन योजनाओं का लाभ स्थानीय बैंक, बीमा एजेंट या कृषि विभाग से जुड़कर लिया जा सकता है। (फोटो सोर्स-istock)
कृषि उड़ान योजना का उद्देश्य किसानों की उपज, खासकर जल्दी खराब होने वाले फल-सब्जियों को दूर-दराज इलाकों से बड़े बाजारों तक तेज़ी से पहुँचाना है। इससे उपज खराब नहीं होती और किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान स्थानीय मंडियों या FPO से संपर्क कर सकते हैं। (फोटो सोर्स-istock)
यह योजना किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, प्रशिक्षण और जानकारी प्रदान करती है। इसके अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विभाग द्वारा कार्यशालाएं, फील्ड ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता दी जाती है। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। (फोटो सोर्स-istock)
DBT स्कीम के तहत बीज, खाद और अन्य सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनती है। इसके लिए किसान को आधार और बैंक खाते को लिंक कराना जरूरी होता है। (फोटो सोर्स-istock)
यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देती है और किसानों को जैविक उत्पादों के लिए प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन और बाज़ार से जोड़ने में सहायता करती है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होता है, बल्कि किसानों को भी बेहतर मूल्य मिलता है। इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन jaivikkheti.in पर किया जा सकता है या स्थानीय कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। (फोटो सोर्स-istock)