गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडक पाने के अलग-अलग उपाय अपनाने लगते हैं। जहां कुछ लोग एसी का सहारा लेते हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग कूलर का इस्तेमाल करते हैं। कूलर यूजर्स अक्सर इसकी ठंडक बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग करते रहते हैं, जैसे कूलर को खुली जगह पर रखना या उसकी घास (पैड) बदलना।
इसी कड़ी में इन दिनों एक नया जुगाड़ काफी चर्चा में है, जिसमें कूलर के अंदर मटका रखने की सलाह दी जा रही है।
सोशल मीडिया और खासकर यू-ट्यूब पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि कूलर के अंदर मटका रखने से हवा ज्यादा ठंडी हो जाती है। इन वीडियो में दिखाया जाता है कि लोग कूलर के टैंक में एक मिट्टी का मटका रखते हैं, उसमें छेद करते हैं और कूलर के पंप को उस मटके के अंदर डाल देते हैं। उनका मानना है कि मटके से गुजरकर पानी ज्यादा ठंडा हो जाएगा, जिससे कूलर की हवा भी ठंडी महसूस होगी।
इस प्रक्रिया में अंदर का पानी ठंडा हो जाता है। खासकर गर्म और शुष्क मौसम में यह प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी होती है, इसलिए मटके का पानी फ्रिज के बिना भी ठंडा रहता है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की सच्चाई कुछ अलग ही सामने आई है। कई एक्सपर्ट्स और प्रयोगात्मक वीडियो में यह देखा गया है कि कूलर में मटका रखने से हवा की ठंडक में कोई खास फर्क नहीं पड़ता। तापमान मापने वाले उपकरणों के जरिए किए गए परीक्षणों में पाया गया कि कूलर पहले जितनी ठंडी हवा दे रहा था, मटका रखने के बाद भी लगभग उतनी ही ठंडक मिलती है।
बेहतर ठंडक के लिए कूलर की सही मेंटेनेंस, साफ पानी और अच्छी क्वालिटी के पैड का इस्तेमाल ही सबसे कारगर उपाय माना जाता है।
कुल मिलाकर, कूलर में मटका रखने का यह तरीका ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुआ है। ऐसे में किसी भी वायरल जुगाड़ को अपनाने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
असल में कूलर पहले से ही वाष्पीकरण के सिद्धांत पर काम करता है। जब कूलर का पानी पैड के जरिए हवा के संपर्क में आता है, तब ही ठंडी हवा बनती है। ऐसे में मटका जोड़ने से इस प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता। उल्टा, यह जुगाड़ कूलर की कार्यक्षमता को प्रभावित भी कर सकता है।