वर्क फ्रॉम होम शुरू होते ही सबसे ज्यादा जरूरत लैपटॉप और बड़े डिस्प्ले मॉनिटर की पड़ती है। कोविड काल में भी कई कंपनियों और कर्मचारियों को लैपटॉप की कमी का सामना करना पड़ा था। इस बार भी आईटी और कॉर्पोरेट सेक्टर में मांग बढ़ने पर अच्छे कॉन्फिगरेशन वाले लैपटॉप महंगे हो सकते हैं।
घर से लगातार वीडियो कॉल और ऑनलाइन मीटिंग के लिए मजबूत इंटरनेट जरूरी होता है। ऐसे में ड्यूल-बैंड और Wi-Fi 6 राउटर की डिमांड तेजी से बढ़ सकती है। अगर सप्लाई प्रभावित हुई तो इनकी कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है।
वर्क फ्रॉम होम के दौरान शांत माहौल हर किसी को नहीं मिल पाता। इसी वजह से नॉइज कैंसिलेशन हेडफोन और वायरलेस ईयरबड्स की मांग तेजी से बढ़ती है। ऑफिस मीटिंग और ऑनलाइन कॉल के लिए ये अब जरूरी गैजेट बन चुके हैं।
लंबे समय तक घर से काम करने पर कमर और गर्दन दर्द की समस्या बढ़ जाती है। इसी कारण एर्गोनॉमिक चेयर और एडजस्टेबल टेबल की बिक्री में उछाल आ सकता है। कोविड के दौरान ये प्रोडक्ट कई शहरों में आउट ऑफ स्टॉक हो गए थे।
ऑनलाइन मीटिंग के बीच बिजली कटने की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए इन्वर्टर, यूपीएस और पावर बैकअप डिवाइस की मांग बढ़ने की संभावना है। गर्मियों में पहले से बढ़ी मांग के कारण इनके दाम और ऊपर जा सकते हैं।
हालांकि आजकल कई लैपटॉप में कैमरा मिलता है, लेकिन प्रोफेशनल वीडियो कॉल के लिए अलग वेबकैम और माइक्रोफोन की जरूरत पड़ती है। कंटेंट क्रिएटर्स और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बीच इनकी डिमांड तेजी से बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपनाने की भी अपील की है। ऐसे में ऑफिस आने-जाने वाले लोग पेट्रोल खर्च कम करने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर और ई-बाइक की तरफ रुख कर सकते हैं। बढ़ती मांग के चलते आने वाले समय में इनके वेटिंग पीरियड और कीमत दोनों बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं, तो कई कंपनियां खर्च कम करने और ईंधन बचाने के लिए कर्मचारियों को फिर से घर से काम करने का विकल्प दे सकती हैं। यही वजह है कि अभी से जरूरी गैजेट्स और ऑफिस सेटअप तैयार रखना समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।