PM Kusum Yojana: करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी है ये सरकारी योजना, ऐसे करें आवेदन
PM Kusum Yojana: भारत सरकार देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ही तरह एक और ऐसी योजना है जो करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हुई है।
Authored by: गौरव तिवारीUpdated Mar 15 2026, 10:30 IST
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हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी PM Kusum Yojana के बारे में। यह सरकारी योजना पूरे देश में संचालित है। सरकार की यह योजना किसानों को किसानी में बड़ी सहूलियत देती है।
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PM Kusum Yojana को सरकार की तरफ से मार्च 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना का लक्ष्य किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराना और सोलर प्लांट में मदद करना था। इसका यह भी उद्देश्य था कि किसान डीजल से चलने वाले पंप की जगह सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें।
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पीएम कुसुम योजना के तहत अंतर्गत रजिस्टर्ड किसानों को सोलर पंप पर सरकार की तरफ से अच्छी खासी सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना में सोलर पंप के लिए 60% तक की सब्सिडी ऑफर करती है।
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सरकार इससे अलग किसानों को इस योजना में 30% तक का लोन भी उपलब्ध कराती है। मतलब किसानों को सिर्फ 10% तक ही पैसा लगाना पड़ता है। पीएम कुसुम योजना किसानों को ट्रेडिशनल तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक से जोड़ती है।
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PM Kusum Yojana में आवेदन के लिए आपको राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in या फिर अपने राज्य के PM-Kusum पोर्टल पर जाना होगा। इसके बाद आपको नाम, मोबाइल, राज्य आदि कि डिटेल्स देनी होगी। इसके बाद OTP के जरिए वेरिफाई करना होगा।
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अब आपको अगले स्टेप में Component A/B/C का सेलेक्शन करना होगा। अगले स्टेप्स में आपको व्यक्तिगत जानकारी, भूमि वितरण नंबर, बिजली कनेक्शन आदि कि डिटेल्स देनी होगी।
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अगले स्टेप में आपको आधार, भूमि दस्तावेज, बैंक पासबुक, बिजली बिल और फोटो को अपलोड करना होगा। लास्ट ऑप्शन में आपको फॉर्म को सबमिट करना होगा जिसके बाद आपके पास आवेदन संख्या आ जाएगी।
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आपको बता दें कि PM Kusum Yojana में भूमि आवश्यकता कंपोनेंट पर निर्भर करती है। जैसे कि Component-A में 1 MW सोलर प्लांट के लिए लगभग 4–5 एकड़ जमीन होना जरूरी है। Component-B और Component-C के लिए न्यूनतम भूमि जरूरी नहीं होती, इसमें किसानों के पास केवल पंप व सोलर पैनल लगाने जितनी जगह पर्याप्त होती है।