देश का आम बजट 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा। बजट में अलग-अलग मंत्रालयों और योजनाओं के लिए कितनी राशि तय की जाएगी, यह स्पष्ट किया जाता है। किसान इस बजट की बड़ी ही उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, खासकर पीएम किसान योजना के लिए।
PM Kisan Yojana का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। इसके तहत हर पात्र किसान को साल में 6,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह राशि किसानों को खेती के खर्चों और घर चलाने में मदद करती है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएम किसान योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। पिछले दो सालों में इस योजना के लिए समान राशि दी गई है। कई कृषि एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार समान बजट देने के बाद इस बार सरकार में बढ़ोतरी की संभावना है।
कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस बार पीएम किसान योजना का बजट बढ़ सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली राशि पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अभी तक प्रत्येक किसान को साल में 6,000 रुपये मिलते हैं। अगर इस योजना के लिए बजट बढ़ता है, तो यह संभावना बनती है कि किस्त की राशि बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि केवल 1 फरवरी 2026 को ही बजट पेश होने के बाद ही हो पाएगी।
हर साल बजट पेश होने के बाद ही यह स्पष्ट होता है कि देश में कौन-सी योजनाओं के लिए कितना पैसा मिलेगा। पीएम किसान योजना जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्यक्रमों के लिए बजट का बढ़ना किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह खेती और रोजमर्रा के खर्चों में सीधा सहारा देता है।
किसान इस बार बजट में पीएम किसान योजना के लिए अधिक राशि मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि न केवल बजट बढ़े, बल्कि सालाना किस्त की राशि में भी इजाफा हो। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती के खर्च आसानी से पूरे हो सकेंगे।