बच्चे का बार-बार आंखें मलना हमेशा सामान्य आदत नहीं होती। इसके पीछे आंखों में थकान, एलर्जी आदि जैसी कई वजहें हो सकती हैं। बार-बार ऐसा होने पर बच्चे की आंखों की जांच कराना समझदारी है।
अगर बच्चा लंबे समय तक मोबाइल, टीवी, टैबलेट या किताब देखता है, तो आंखों पर दबाव पड़ सकता है। इसके बाद बच्चा आंखों को बार-बार मलकर आराम पाने की कोशिश कर सकता है।
धूल या किसी अन्य चीज से एलर्जी होने पर आंखों में खुजली, पानी आना या लालिमा हो सकती है। ऐसे में बच्चा अनजाने में बार-बार आंखें मल सकता है।
कम पलक झपकाने या लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन महसूस हो सकता है।
धूल का छोटा कण, बाल या कोई बाहरी चीज आंख में चली जाने पर चुभन और परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को आंख रगड़ने के बजाय साफ पानी से धोने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहें।
अगर बच्चा दूर की चीजें देखने के लिए आंखें सिकोड़ता है, किताब बहुत पास लाता है या बार-बार आंखें मलता है, तो उसकी नजर की जांच की जरूरत हो सकती है।
कभी-कभी बच्चा नींद आने या बहुत थक जाने पर भी आंखें मलता है। अगर यह व्यवहार केवल सोने के समय होता है और कोई अन्य लक्षण नहीं है, तो यह सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
अगर आंखें लगातार लाल रहती हैं, सूजन है, दर्द होता है, रोशनी से परेशानी होती है, आंखों से ज्यादा पानी या गंदा स्राव आता है या बच्चा देखने में परेशानी बताता है, तो आंखों के विशेषज्ञ से जांच कराएं।