दरअसल कुछ किसान ऐसे हैं जो बार-बार कहने के बाद भी देर से अपनी केवाईसी पूरी करते हैं। ऐसे लोगों की पेमेंट अटक जाती है। उसके बाद जब पीएम किसान की अगली किस्त आती है तो उसमें पहले वाली किस्त की रकम जोड़ दी जाती है। साफ शब्दों में कहें तो जिन किसानों को केवाईसी पूरी ना होने के कारण 21वीं किस्त नहीं मिली थी, उन्हें 22वीं किस्त में 2,000 रुपये की जगह 4,000 रुपये मिलेंगे।
पीएम किसान योजना के तहत देश के किसानों को आर्थिक मदद के रूप में एक साल में तीन किस्तों में 6,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन इस बार बजट 2026 में इस रकम के बढ़ने की उम्मीदें हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बजट में पीएम किसान योजना की राशि को दोगुना यानी 12,000 की जा सकती है, हालांकि सरकारी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
पीएम किसान की 22वीं किस्त को लेकर सरकार की ओर से कोई तारीख तो नहीं बताई गई है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि बजट 2026 के बाद लेकिन होली से पहले पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी की जाएगी जिसके तहत किसानों के खाते मे 2,000-2,000 रुपये भेजे जाएंगे।
यदि आप भी पीएम किसान की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो आपको सबसे पहले दो जरूरी काम करने होंगे। पहला काम फार्मर आईडी बनवाने का है और दूसरा काम ई-केवाईसी का है। सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है कि जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं होगी, उनकी आने वाली किस्त रोकी जा सकती है।
फार्मर आईडी दरअसल किसानों की एक डिजिटल पहचान है जिसमें नाम के साथ-साथ जमीन का पूरा विवरण, बोई गई फसलों की जानकारी, खाद और उर्वरक का इस्तेमाल, पशुपालन से जुड़ा डाटा, किसान की आय से संबंधित विवरण जैसे जानकारी होती है।
फार्मर आईडी आप खुद से नहीं बना सकते है। इसके लिए आपको अपने राज्य के संबंधित एग्रीकल्चर पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा फार्मर आईडी के लिए आप नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर भी संपर्क कर सकते हैं।